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मोटापा घटाने के लिए भी सीओ2 में कमी जरूरी

फ्लैग-- ग्रीन गैस गैस से प्रभावित होता मोटापे से संबद्ध ओरेक्जींस नामक हार्मोनमोटापे पर नियंत्रण से बचेगी दुनिया- इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेस्टी में यूनिवर्सिटी ऑफ एबर्डिन के वैज्ञानिकों के हवाले से छपे शोध में दावा किया गया है कि अगर मोटापे के शिकार लोग अपने वजन में औसतन 10 किलो की कमी लाएं तो सालाना सीओ2 के उत्सर्जन में 49.5 मीट्रिक टन की आएगी गिरावट। यानी कि 2007 के स्तर के मुकाबले 0.2 फीसदी की कमी। प्रयोग- 2010 में 20,000 जनवरों पर कार्बन डाइ ऑक्साइड के असर का किया परीक्षण - 1986-2010 के बीच पूर्वी तट पर बसे लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड भी खंगाला- कई लोगों को प्रयोगशाला में स्थापित नियंत्रित वातावरण में रखा, नतीजों की पुष्टिलंदन एजेंसियांवैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए ग्रीन हाउस गैस,कार्बन डाइ ऑक्साइड(सीओ2) के स्तर में कमी लाने की मुहिम चला रहे लोगों को अपने आंदोलन को जारी रखने का एक और कारण मिल गया है। हाल ही में डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने एक शोध में दावा किया है कि वायुमंडल में कार्बन डाइ ऑक्साइड के उच्च स्तर की वजह से लोगों में मोटापा महामारी की तरह फैल रहा है। ग्लोसट्रप यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल से संबद्ध रिसर्च सेंटर फॉर प्रीवेंशन एंड हेल्थ के वैज्ञानिकों ने 22 साल तक चले शोध में पाया कि दिमाग में मौजूद ओरेक्जींस नामक हार्मोन वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड गैस की संघनता से प्रभावित होता है। गौरतलब है कि यह हार्मोन दिमाग के अवचेतन और ऊर्जा खपत को प्रोत्साहित करता है और इसका संबंध शरीर के वजन के बढ़ने से भी है। प्रमुख शोधकर्ता हेरसॉग ने बताया कि उन्होंने 2010 में करीब 20,000 जानवरों पर परीक्षण किया और पाया कि इनके खानपान को नियंत्रित रखने के बावजूद उनके वजन में बढ़ाेतरी हुई। जानवरों से मिले नतीजों को और पुख्ता करने के लिए वैज्ञानिकों ने अमेरिका में भी मोटापे की बढ़ी समस्या का अध्ययन किया। इसके लिए उन्होंने पूर्वी तट के इलाके में रह रहे लोगों की 1986 से 2010 के बीच मौजूद स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि इन इलाकों में वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ी संघनता के साथ मोटापे के शिकार लोगों की संख्या में भी वृद्धि हुई। अध्ययन से मिले आंकड़ाें की पुष्टि करने के लिए शोधकर्ताओं ने छह लोगों को विभिन्न जलवायु अवस्था वाले कमरों में रखा । उन्होंने पाया कि संघन सीओ2 वाले वातावरण में रहने वाले व्यक्ति के वजन में अपेक्षा के मुताबिक वजन में कमी हुई। जबकि उसकी खुराक भी समान्य लोगों के मुकाबले छह प्रतिशत तक बढ़ गई।

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  • Web Title:मोटापा घटाने के लिए भी सीओ2 में कमी जरूरी