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राज्यमंत्री बने भगवत सरन और रियाज

बरेली। वरिष्ठ संवाददाता

प्रदेश मंत्रिपरिषद में रुहेलखंड की दावेदारी को लेकर हिन्दुस्तान की खबर आखिरकार सच साबित हुई। मंडल में कई विधायक मंत्री बनने के दावेदार थे, लेकिन हिन्दुस्तान ने मंडल के जिन नेताओं के मंत्री बनने के तर्क दिए, वे सच साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नवाबगंज से विधायक भगवत सरन गंगवार और पीलीभीत के विधायक रियाज अहमद को राज्य मंत्री बनाया है।‘हिन्दुस्तान’ ने 12 मार्च के अंक में इस मामले में खबर प्रकाशित की थी। भगवत सरन के मंत्री बनने के पीछे तर्क दिया था कि वे मंडल में अकेले कुर्मी विधायक हैं। जनाधार वाले नेता हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी। वे पांच बार और लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। पिछली मुलायम सिंह यादव सरकार में भी वे चिकित्सा राज्य मंत्री बने थे, इसलिए उनका दावा मजबूत माना जा रहा था। पीलीभीत से विधायक रियाज अहमद पांच बार और लगातार तीन बार से विधायक हैं।

वे मुस्लिम समुदाय में बंजारा जाति से ताल्लुक रखते हैं। इस लिहाज से उनका दावा भी मजबूत था। बहेड़ी विधायक अताउर रहमान भी मंत्री पद की रेस में थे। वे इस बार 18 वोटों से जीते हैं। श्री रहमान भी मुस्लिम समुदाय में बंजारा जाति से ताल्लुक रखते हैं। इस लिहाज से पीलीभीत के श्री अहमद का दावा पुख्ता साबित हुआ। भगवत सरन के मंत्री बनने की आस में नवाबगंज से सैकड़ाें लोगों का काफिला लखनऊ पहुंचा था। शेर सिंह गंगवार और सुरेश गंगवार के साथ पहुंचे क्षेत्रवासियों के बीच जब राज्य मंत्री के लिए भगवत सरन का नाम पुकारा गया तो इन लोगों ने भगवत सरन के जोरदार नारे लगाकर अपने नेता का उत्साहवर्धन किया। लखनऊ जाने वालों में पूर्व ब्लॉक प्रमुख वेद प्रकाश गंगवार, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मुक्ता प्रसाद, रवीन्द्र गंगवार, मुनेन्द्र गंगवार, अनिल गंगवार, भगवान दास, चन्द्र प्रकाश गुप्ता गोपाल गुप्ता आदि थे।

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