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दिल्ली-वेस्ट यूपी में कोबरे के जहर कारोबार की जड़

मुरादाबाद में तो कोबरों को पालकर बाकयदा कारोबार किया जाता है, लेकिन दिल्ली से पश्चिमी यूपी में तो कोबरे के जहर से नशीला पदार्थ तैयार कर उसे गे पार्टियों और विभिन्न इलाकों में बेचने का धंधा तक होता है। इस कारोबार की जड़े दिल्ली से मेरठ तक फैली हुई हैं। प्रारंभिक सफलता हाथ लगने के बाद की तह तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस जुटी है, लेकिन खुलासे से बाद यहां खलबली मची है।

पिछले तीन महीनों से दिल्ली और यूपी पुलिस कोबरा तस्करों तक पहुंचने के लिए हाथ-पैर मार रही थी। नए साल के मौके पर दिल्ली से मेरठ आ रही रोडवेज बस में मिठाई के डिब्बों में कोबरा सांप निकले थे। इसके बाद एक बार थैले और दूसरी बार बैग में कोबरा मिले थे। तीन बार दिल्ली पुलिस और तीन बार दिल्ली-मेरठ के बीच यूपी पुलिस ने चेकिंग की थी, लेकिन कोबरा तस्करों की गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली थी।

दिल्ली में पुलिस ने मेरठ डिपो की रोडवेज बस में दो लोगों को कोबरा के जहर के साथ पकड़ लिया। चर्चा तो यह है कि कोबरा भी मिला था। पकड़े गए युवकों ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली है। बताया कि कोबरा के जहर से नशीला पदार्थ तैयार किया जाता है। जिसे दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में गे-पार्टियों में सप्लाई किया जाता है।

खूब चलती हैं गे-पार्टियों
नए साल पर कोबरा तस्करों के साथ ही सहारनपुर में गे-पार्टी आयोजन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की थी। सहारनपुर के मामले में खुलासा पहली बार हुआ, लेकिन पश्चिमी यूपी के बड़े शहरों में ऐसे पार्टियों का चोरी-छिपे आयोजन होता रहता है। कोबरा के जहर से नशे का कारोबार करने वालों की माने तो आधा लीटर जहर से 5 हजार शीशी नशा तैयार किया जाता है। एक शीशी 10-12 हजार रुपये तक में बेची जाती है।

रोडवेज बस ही है सफर का माध्यम
दिल्ली और यूपी पुलिस पिछले तीन महीनों से रोडवेज बसों पर फोकस किए हुए थी। दिल्ली से आने वाली बसों में कोबरा और जहर लाने की सूचना मिलती रहती थी। खुलासा में सफलता नहीं मिल पा रही थी। इतना है कि दिल्ली से बैग अथवा थैले बस में रख दिए जाते थे, जिन्हें मेरठ में कोई न कोई उतार लेता था। अभी मेरठ में इस धंधे का पर्दाफाश होना बाकी है।

दिल्ली पुलिस के खिलाफ जांच भी चल रही
मेरठ डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक टीके सिंह बिसेन का कहना है कि पिछले तीन मामलों में उनके डिपो की बसों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था। कर्मचारियों ने बताया था कि उनसे पैसा वसूली हुई। यहां से अधिकारियों ने डीआईजी और दिल्ली डीटीसी के साथ ही दिल्ली पुलिस के अफसरों को पत्र भेजा था। इसके बाद जांच बैठाई गई थी, जो अभी चल रही है।

आनंद विहार से मेरठ के बीच खोजना होगा लिंक
मेरठ। जैसे ही आनंद विहार से रोडवेज बस मेरठ के लिए चलती है। कोई व्यक्ति बस में कोबरा को किसी थैले अथवा बैग में रखकर गायब हो जाता था। दिल्ली और यूपी पुलिस के लिए अभी यह चुनौती है कि यहां गैंग को कौन ऑपरेट कर रहा है और कौन-कौन लोग इससे जुड़े हैं।

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