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रेलकर्मियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, बची दूरंतो

यह घटना नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए सबक और ट्रैक पर काम कर रहे गैंगमैन व रेलकर्मियों की सतर्कता की विरोधाभासी कहानी है। गुरुवार की दोपहर नियमों की अनदेखी करते हुए शहर स्थित बंद रेलवे फाटक को पार कर रेलवे लाइन पार करने की कोशिश कर रहे लोगों को अगर पास काम कर रहे रेलकर्मियों ने शोर मचाकर आगाह नहीं किया होता तो हावड़ा-पुणे दूरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस से टकरा कर दो लोगों की जान चली जाती और सैकड़ों यात्रियों को खतरा हो सकता था। हालांकि, इस दुर्घटना में स्कूटी व साइकिल के परखच्चे उड़ गए।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को दोपहर लगभग 12 बजकर 25 मिनट पर 12222 हावड़ा-पुणे जा रही दूरंतो एक्सप्रेस जब चक्रधरपुर के आउटर के सिग्नल के समीप थी। चक्रधरपुर के पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद था। इसके बावजूद क्रॉसिंग से एक रेलकर्मचारी अपनी स्कूटी संख्या जेएच06सी-9469  व एक छात्र साइकिल लेकर लाइन पार करने लगे। तभी वहां काम कर रहे गैंगमेन व अन्य कर्मचारियों ने गाड़ी को देखकर हल्ला मचा दिया। इस इस पर क्रॉसिंग पार कर रहे स्कूटी सवार रेलकर्मचारी व एक छात्र साइकिल छोड़कर भाग खड़े हुये। इससे उनकी जान तो बच गई लेकिन स्कूटी व साइकिल के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि स्कूटी व साइकिल के टुकड़े 200 मीटर दूर तक बिखरे।

हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूली छात्र को हल्की चोटें भी आयी हैं। उधर, स्कूटी सवार व छात्र घटना स्थल से तुरंत फरार हो गए। दूरंतो के चालक ने गाड़ी को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पार कर पश्चिमी केबिन के पास ले जाकर रोका और घटना की सूचना चक्रधरपुर स्टेशन मास्टर को दी। साथ ही दूरंतो में लगे इंजन की जांच-पड़ताल की और इंजन सही सलामत पाये जाने पर गाड़ी को पांच-सात मिनट बाद पुन: गंतव्य की ओर रवाना कर दिया।
 उधर, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान व अधिकारी पहुंचे और छानबीन की। वे स्कूटी व साइकिल के टुकड़े को उठाकर रेल थाना ले आये। आरपीएफ थाना चक्रधरपुर द्वारा स्कूटी मालिक की पहचान कर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

लगातार हॉर्न नहीं बजा रहा था दूरंतो का चालक!

घटना के समय हावड़ा-पुणे दूरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस की रफ्तार काफी अधिक थी। जानकार लोग बताते है कि गाड़ी लगभग 110 किमी की रफ्तार से चल रही थी। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग के पास ही दूसरी लाइन पर रिपेरिंग का कार्य प्लाजा नामक मशीन द्वारा किया जा रहा था। उसकी आवाज भी काफी तेज थी। साथ ही दूरंतो के चालक द्वारा लगातार हॉर्न नहीं बजाया जा रहा था। इसके कारण ही स्कूटी सवार रेलकर्मचारी व साइकिल सवार स्कूली छात्र दूरंतो की आवाज को नहीं सुन पाये। यह तो महज संयोग था कि रेल लाइन पर काम कर रहे गैंगमेन द्वारा पत्थर मारकर तथा तेज आवाज देकर गाड़ी आने की सूचना दी और स्कूटी सवार व छात्र घटना का शिकार होने से बच गये।

रेलकर्मी की थी स्कूटी
दूरंतो की चपेट में आये हीरो होंडा की प्लेजर स्कूटी संख्या जेएच 06सी 9469 अपर मंडल रेल प्रबंधक वासुदेव पांडा के स्टेनो कानुचरण मल्लिक की है, जबकि ट्रेन की चपेट में आने से बची साइकिल केन्द्रीय विद्यालय की छात्र की बतायी जा रही है जो छुट्टी होने के बाद वह अपने घर जा रही थी। स्कूटी में सवार रेलकर्मचारी अपर मंडल रेल प्रबंधक के कर्मचारी थे जो स्टेनो श्री मल्लिक से स्कूटी मांग कर भोजन के लिए अपने घर पोर्टरखोली जा रहे थे। पत्रकारों ने गाड़ी के मालिक के घर पहुंचकर मामले के संबंध में पूछताछ की तो श्री मल्लिक की पत्नी ने कहा कि घटना दु:खद है, लोग बाल-बाल बच गये। इस घटना में अब तक रेल प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

घटना से सबक लें लोग : एके हलदर
चक्रधरपुर रेल मंडल के वरीय वाणिज्य प्रबंधक एके हलदर ने कहा कि यह लोगों की जल्दीबाजी के कारण घटना घटी है। उन्होंने कहा कि अगर फाटक बंद था, तो लोगों को इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे। वहीं मंडल रेल सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार चौरसिया ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। आरटीओ कार्यालय से वाहन मालिक का पता कर उन पर मामला दर्ज किया जाएगा। इसका आदेश दे दिया गया है।

गाड़ी व साइकिल देख सिहर उठे लोग
हावड़ा-पुणे दूरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस की चपेट में आने से साइकिल व स्कूटी कई टूकड़ों में बंट गईं। लोगों का कहना है कि जब बाइक इतने टुकड़ों में बंट गई तो उस पर सवार अगर दूरंतों से टकरा जाता तो उसका क्या हाल होता।

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