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स्वामी सानंद की तपस्या सातवें दिन जारी

गंगा की पवित्रता के लिए स्वामी ज्ञान स्वरुप सानंद की वाराणसी के मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा में तपस्या सातवें दिन जारी रही, वहीं उनके समर्थन में संत समाज एवं राजनीतिक दल सामने आने लगे हैं।

लोगों का आरोप है कि सरकार गंगा में व्याप्त प्रदूषण के प्रति गंभीर नहीं है। यदि सरकार गंभीर होती तो स्वामी सानंद को तपस्या करने की जरुरत नहीं होती। यदि गंगा विदेशों में होती तो कचरे का एक कण भी नहीं गिरता।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गिरधर मालवीय ने स्वामी सानंद के स्वास्थ्य में हो रही गिरावट पर आज चिन्ता व्यक्त की और कहा है कि समाज के हर तबके को गंगा को बचाने के लिए एकजुट होना चाहिए।

अन्न, जल त्याग अनशन पर बैठे स्वामी जी ने कहा कि अगर 17 मार्च की शाम तक उनकी मागें पूरी नहीं हुई तो वह ड्रिप भी निकाल देंगे। स्वामी का वजन लगातार घट रहा है।

संतों का कहना है कि यदि गंगा की स्वच्छता के लिए स्वामी सानंद की मांग नहीं मानी गई तो अगले वर्ष इलाहाबाद में होने वाले महाकुम्भ का साधु संत सामूहिक बहिष्कार भी कर सकते हैं। संतों ने वाराणसी के सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डां. मुरली मनोहर जोशी के मौन पर भी आश्चर्य व्यक्त किया है।

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