DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बगावत के बीच शपथ

उत्तराखंड में बगावत के सुरों के बीच मंगलवार को नए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। देहरादून के परेड मैदान में आयोजित समारोह में शाम पांच बजे राज्यपाल मार्गरेट अल्वा ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।

पार्टी नेतृत्व के निर्णय से नाराज करीब डेढ़ दजर्न विधायक समारोह से दूर रहे। मात्र 18 विधायकों की मौजूदगी में समारोह संपन्न हुआ। इनमें दो निर्दलीय और एक यूकेडी ‘पी’ का विधायक था। नाराज विधायक केंद्रीय राज्यमंत्री हरीश रावत कोमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर अड़े हैं। रावत गुट का दावा है कि उन्हें 18 विधायकों का समर्थन हासिल है। सोमवार को देर रात तक चली बैठक के बाद हरीश रावत ने केंद्रीय संसदीय राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

उधर, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रहे हरक सिंह रावत भी खुलकर हरीश रावत के समर्थन में उतर आए हैं। मुख्यमंत्री न बनाए जाने से नाराज हरक सिंह रावत का कहना है कि उत्तराखंड की सियासत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अल्मोड़ा से सांसद प्रदीप टम्टा भी हरीश रावत के साथ खड़े हो गए हैं। विजय बहुगुणा को शपथ दिलाए जाने के बाद उन्होंने कहा कि भले ही बहुगुणा मुख्यमंत्री बन गए हों, पर विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे।

दोपहर तक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में हरीश रावत के घर पर जमा विधायकों को फोन कर देहरादून जाने की हिदायत दी जाती रही, पर सभी विधायकों ने असमर्थता जताते हुए न जाने का फैसला लिया। दोपहर बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यह कहते हुए अफवाहों पर विराम लगा दिया था कि शपथ ग्रहण समारोह में कोई बदलाव नहीं होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बगावत के बीच शपथ