DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गरीबों के आशियाने को निगल गये अधिकारी-बिचौलिये

शायद यहां के अफसरों और बिचौलियों को बदहजमी की शिकायत नहीं है। गरीबों के आशियानों को सूबे के अफसर ने बिचौलियों के साथ बड़ी ही साफगोई से निगल लिया। हालांकि अब यह मामला राजभवन के संज्ञान में आ चुका है।

इसलिए कुछ उम्मीद बंधी है कि दोषी अफसरों- बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मगर इसमें कितना वक्त लगेगा, इस समय कुछ नहीं कहा जा सकता। पिछले तीन वित्तीय वर्षो के दौरान गिरिडीह जिले के धनबार प्रखंड में इंदिरा आवास, दीन दयाल आवास तथा सिद्धु-कान्हो आवास योजनाओं के अंतर्गत 2700 आवासों का निर्माण किया जाना था।

ये आवास बीपीएल परिवार वालों के निर्माण किये जाने थे। मगर तीन सालों के बाद भी महज तीन सौ आवासों का निर्माण किया जा सका। हद तो तब हो गयी, जब बिचौलियो ने सभी 2700 मकानों की राशि की गलत तरीके से निकासी कर ली गयी।

मतलब साफ है कि बिचौलियों ने अफसरों के साथ साठगांठ कर 2400 आवासों की लागत की राशि निकाल ली।

कैसे हुई गड़बड़ियां- लाभुकों को यह जानकारी तक नहीं है कि उनके नाम से जिलास्तर पर इंदिरा आवास, दीन दयाल तथा सिद्धु-कान्हो आवास  की स्वीकृति की गयी है। टीएसी ने इस मामले की जांच की थी। टीएसी के सदस्यों ने जांच के क्रम में पाया कि व्यत्ति की तस्वीर एवं नाम अलग-अलग हैं। कुछ मृत लोगों के नाम से भी इंदिरा आवास स्वीकृत कर दिये गये थे।

टीएसी ने राजभवन से शिकायत की- टीएसी के सदस्यों ने पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से की। राज्यपाल ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आदेश मुख्य सचिव को दिया है। कहा है कि जांच कराके कार्रवाई के संबंध में जानकारी राजभवन को उपलब्ध करायी जाये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गरीबों के आशियाने को निगल गये अधिकारी-बिचौलिये