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इस भीड़ में शामिल सबको मिलेगा बेरोजगारी भत्ता?

विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की भारी जीत के बाद  प्रदेश के जिला सेवायोजन एवं रोजगार कार्यालयों में पंजीकरण कराने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है और पुलिस लाठियां भांज रही है।

उमड़ती भीड़ की वजह, सपा की ओर से सरकार बनने पर एक हजार रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का चुनावी घोषणा पत्र में वादा। मनोनीत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कह चुके हैं कि घोषणा पत्र का हर वादा पूरा किया जाएगा।

लेकिन इस पूरे प्रकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सपा ने अपने घोषणा पत्र में 35 साल से ऊपर के शिक्षित बेरोजगारोंको ही बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है। जबकि भीड़ में 35 से ऊपर वाले भी हैं तो उससे कम वाले भी।

हालांकि मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश यादव के शपथ लेने व सरकार के गठन के बाद ही भत्ते का प्रशासनिक आदेश जारी होगा लेकिन माना जा रहा है कि घोषणा पत्र के वादे के मुताबिक ही उसमें भी 35 साल से ऊपर वालों के लिए ही यह सुविधा होगी और सरकारी नौकरियों के वास्ते आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा को 35 साल किया जाएगा।

जबकि पिछली सपा सरकार में बेरोजगारी भत्ते के लिए उम्र की कोई शर्त नहीं थी। स्नातक या इससे ऊपर उच्चशिक्षित बेरोजगार 28 फरवरी 2006 तक रोजगार कार्यालयों पंजीकृत हुए थे, केवल उन्ही को पांच सौ रुपए प्रतिमाह दिया गया था। खास बात यह कि नया पंजीकरण तीन वर्ष के लिए मान्य होता है। तीन साल पर नवीनीकरण न कराने पर पंजीकरण खुद रद्द हो जाता है।

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