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जिले में 40 उर्दू शिक्षक और पांच बाबू फर्जी !

गोरखपुर जिले में 40 उर्दू शिक्षक और पांच बाबू फर्जी हैं! उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग नई दिल्ली से तो यही शिकायत की है। शिकायत को आयोग ने भी गंभीरता से ले लिया है और बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जानकारी भी मांगी है।

आयोग के निर्देश मिलते ही बेसिक शिक्षा निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए हैं। आदेश की सूचना से जिले में हड़कंप मच गया है। पिपरौली ब्लॉक में उर्दू शिक्षकों की सेवा पुस्तिका और उनके प्रमाण पत्रों की जांच शुरू हो गयी है। बीआरसी पर मंगलवार को कुछ शिक्षक अपने प्रमाणपत्रों के साथ पहुंचे। बुधवार को भी उनके प्रमाण पत्रों की जांच होगी। जांच का काम अन्य ब्लॉकों पर भी शुरू हो गया है।

कांग्रेसी नेता ने 22 सितम्बर 2011 को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को लिखित शिकायत की थी कि गोरखपुर के शिक्षा अधिकारियों के संरक्षण में 40 उर्दू शिक्षक और पांच बाबू नौकरी कर रहे हैं। इसका कारणफर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नियुक्ति पाना बताया गया था। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उसकी जांच के आदेश दे दिये।

जिस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को आदेश दिया कि वह ऐसे सभी उर्दू अध्यापकों की जांच कराने के बाद उसकी सूची उन्हें उपलब्ध कराए। बीएसए ने इस मामले में सभी सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया है कि वह अपने ब्लॉक के सभी उर्दू शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच करें। उसके बाद प्रमाण पत्रों की छाया प्रति उनके कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसमें दूसरे जिले से आए शिक्षकों को विशेष ध्यान देने के लिए कहा है।
शिक्षकों से उनके अन्तर जनपदीय स्थानान्तरण के अन्तिम प्रमाण पत्र की भी छाया प्रति मांगी गई है। आयोग से जांच के आदेश दिए गए थे। मैंने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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