DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खबरदार, हमारी साख पर धूल न पड़ने पाए

‘उजड़ गए सारे तंबू-कनात भाई मियां। जितने वायदे उछलने थे, उछल लिए। हड़कंप थम गई। पानी अपने ढाल पर बहने लगा। महंगुआ फिर अपनी दाल-चावल के दाने और बंडी के पैबंद गिनने लगा। इसी मार्च में जिन्हें क्विक मार्च करना था, कर गए। जिन्हें गार्ड ऑफ ऑनर लेना है, सजे तैयार बैठे हैं। बचा क्या? अंगुली पर एक काला दाग, जो वक्त के साथ धीरे-धीरे फना हो जाएगा। आंखों के वारे न्यारे हो गए। मजबूरियां वहीं की वहीं।’

मौलाना ने सुपारी का एक छोटा-सा टुकड़ा दांतों तले कड़ाक से तोड़ा और बोले, ‘अलबत्ता न्यूजों में सुरसुराहट बाकी है। मसलन, यही ले लो। छपा है कि 2-जी स्पेक्ट्रम के राष्ट्र चर्चित घोटालेबाज ए राजा ने कहा है कि कोर्ट के फैसले से उनकी साख को धक्का पहुंचा है। सुभानल्लाह! कौन-सी साख, हुजूर? वह तो कब की सूखकर बैसाख हो गई। सारे देश और दुनिया के सामने आपके अति पवित्र कर्म उजागर हो गए। अरबों डकारने के बाद भी गले में साख की कंठी पहने हैं? आप हों, या कनिमोझी, या कलमाडी या पोंटी..., अब तो सब ‘नेशनल हीरो’ हैं। हीरो की साख हमेशा ताजी-बनी रहती है।

काफी समय तक तिहाड़ित (तिहाड़वासी) रहने के बाद साख पर और पॉलिश चढ़ जाती है..., गौरव बढ़ जाता है। अब आप यही ले लो, भाई मियां, ओसामा बिन लादेन को सबने जाना। मौलाना लादेन यानी मुङो कौन जानता है इस दुनिया में? आप किसी ऐन-गैन मामले में फंसाकर मुझे चंद रोज को तिहाड़ भिजवा दो। निगोड़ी साख तो बढ़े बुढ़ापे में।’

मुंह में जाफरानी पत्ती की आधी चुटकी झोंककर मौलाना बोले, ‘मेरे मामू के एक दोस्त जेब काटने के प्रोफेशन में थे। पकड़े गए। पुलिस गाड़ी में बैठने से पहले साटन का कुरता-पाजापा पहना और बाल संवारकर मुंह में पान दबाया, ताकि साख बनी रहे। अरबों-खरबों डकारने वाले की साख भी सुपर फाइन होती है। उस पर धूल नहीं पड़नी चाहिए। राजा व दीगर हड़पबाजों की साख को सुरक्षित रखना हर देशवासी का फर्ज बनता है। अब अगर तुम्हें अपनी साख बनाए रखनी है, तो तड़ से अड्डे पर चलकर हमें मलाई वाली चाय पिलाओ। दैट्स ऑल।’
के.पी. सक्सेना

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:खबरदार, हमारी साख पर धूल न पड़ने पाए