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एंट्रिक्स-देवास सौदे की जांच शुरू

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए सौदे के संबंध में वित्तीय लेनदेन की आरंभिक जांच शुरू कर दी है। बेंगलूर में प्रवर्तन निदेशालय के जोनल कार्यालय ने यह पता लगाने के लिए कि कहीं इस सौदे में विदेशी मुद्रा विनिमय कानून या मनी लांडरिंग रोधी कानून का उल्लंघन तो नहीं किया गया, जांच शुरू कर दी है।
   
रिजर्व बैंक और आयकर विभाग की मदद से शुरू की गई जांच में देवास मल्टीमीडिया लिमिटेड में मॉरीशस स्थित कुछ इकाइयों की कथित हिस्सेदारी का भी पता लगाया जाएगा। देवास मल्टीमीडिया ने इसरो के साथ विवादास्पद एस बैंड सौदा किया था।
   
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने कहा कि दिल्ली में ईडी मुख्यालय से परामर्श लेने एवं निर्देश मिलने के बाद आरंभिक पूछताछ शुरू की गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मामले में विदेशी मुद्रा विनियम प्रबंधन कानून (फेमा) या मनी लांडरिंग रोधी कानून के संबंध में किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर ही मामला दर्ज किया जाएगा।
   
इसरो की व्यावसायिक इकाई एंट्रिक्स ने जनवरी, 2005 में देवास के साथ एक सौदे पर हस्ताक्षर किया था जिसके तहत उसने कंपनी को महत्वपूर्ण एस बैंड स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराया था। एस बैंड स्पेक्ट्रम को प्रमुख तौर पर देश के रणनीतिक हितों के लिए रखा जाता है।
   
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सौदे में शामिल व्यक्तियों के वित्तीय सौदों की भी पड़ताल की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि अवैध धन प्राप्ति से कहीं बेनामी या फर्जी संपत्तियां तो अर्जित नहीं की गईं।

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  • Web Title:एंट्रिक्स-देवास सौदे की जांच शुरू