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चुनौतियों का सामना कारगर तरीके से करें

संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल के अभिभाषण में भ्रष्टाचार खत्म करने, कालेधन की समस्या से निपटने और शासनतंत्र में पारदर्शिता लाने का मुद्दा छाया रहा। उन्होंने कहा कि चुनौतियां बहुत हैं और सरकार इनसे पार पाने के लिए कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने संसद की लंबी कार्यसूची का जिक्र करते हुए दोनों सदनों से मिलजुल कर कार्य करने की भी अपील की।

राष्ट्रपति ने व्हिसिल ब्लोअर विधेयक, लोकपाल, जन शिकायत निवारण और न्यायिक मानक एवं जवाहदेही विधेयकों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कदम भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित होंगे। इनसे शासन में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए बेनामी संपत्ति अधिनियम और मनी लॉड्रिग अधिनियमों में बदलाव लाने तथा कालेधन की जांच के लिए बनी समिति का भी उल्लेख किया।

प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अब अलग से विकलांगता विभाग बनेगा। इससे विकलांगों के कल्याण के लिए नीतियां बनाने और उनके क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने अलग से शहरी स्वास्थ्य मिशन शुरू करने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का ही शहरों में विस्तार किया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सार्वजनिक खरीद के लिए विधेयक तैयार किया जा रहा है।

सार्वजनिक सेवाएं सुचारू एवं स्वचालित तरीके से देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विसेस डिलीवरी विधेयक संसद में पेश किया जा चुका है। इससे सेवाओं में मानवीय दखल कम होगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेस कार्यक्रम के तहत देशभर में 97 हजार जन सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। आयकर, पासपोर्ट, केंद्रीय उत्पाद शुल्क तथा कॉरपोरेट विभागों में ऑनलाइन सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। शिक्षा स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण और डाक सेवाओं में भी जल्द ई-गवर्नेस का प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा।

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