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शैम्पू से बिगड़ती तंत्रिकाएं

केश लंबे हों या छोटे, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए शैंपू का चलन आम बात है, मगर खास बात यह है कि यह आपके तंत्रिका-तंत्र को अस्त-व्यस्त कर रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ पीटसबर्ग में हुए एक चिकित्सीय अध्ययन के अनुसार शैम्पू और हाथ-पांव के लिए प्रयुक्त लोशन में एंटीमाइक्रोबियल क्षमता पाई जाती है, जो तंत्रिका-तंत्र के लिए आवश्यक न्यूरॉन्स के विकास में रुकावट पैदा करती है। इस तरह से शरीर का तंत्रिका-तंत्र न तो भलीभांति कार्य कर पाता है और न ही विकसित हो पाता है। इस विकृति के कारण तंत्रिका-तंत्र से संबंधित रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सक सहज ही कारण तक नहीं पहुंच पाते और रोग का इलाज शुरू कर देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार लम्बे समय तक इस प्रकार के शैम्पू प्रयोग करने से शरीर में वह एंजाइम नहीं निकल पाता, जो कोशिकाओं के आपसी संपर्क में मददगार होता है। इस स्थिति के लिए शैम्पू का एंटीमाइक्रोबियल गुण दोषी होता है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि अव्वल तो शैम्पू का इस्तेमाल न करें और यदि शैम्पू का प्रयोग करना ही पड़े तो बेहतर गुणवत्ता वाला शैम्पू प्रयोग करना चाहिए।
कुलदीप शर्मा

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