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लार से वायलिन की झंकार

शिकार को फंसाने के लिए मकड़ी अपनी जिस लार से जाल तैयार करती है, जापानी वैज्ञानिकों ने उसी से वायलिन की स्ट्रिंग यानी तार तैयार कर दिखाई है। रोचक बात यह है कि इस तार से न केवल कर्णप्रिय ध्वनि निकल रही है, बल्कि वह अपेक्षाकृत अधिक मजबूत भी है। जापान की नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी से जारी हालिया रिपोर्ट में इस महत्वपूर्ण सफलता का जिक्र किया गया है। यहां के पॉलीमर रसायन की प्रोफेसर शिजेयोंशी द्वारा तैयार यह स्ट्रिंग विश्वस्तरीय वायलिन स्ट्रिंग के पासंग पाई गई है।

प्रोफेसर शिजेयोंशी पिछले 35 वर्षों से मकड़ी से जुड़े हुए इस शोध क्षेत्र में कार्यरत हैं और उन्होंने मकड़ी की लार से सजर्री में प्रयुक्त कई महत्वपूर्ण धागे और जाल तैयार किए हुए हैं, जिनका पेटेंट किया जा चुका है और जो जापान के अस्पतालों में घायल और कटी त्वचा ऑपरेशन आदि में टांके के रूप में प्रयोग किए जा रहे हैं।
प्रोफेसर शिजेयोंशी एकांत और विषय सफलता के क्षणों में वायलिन बजाती हैं। और बजाते-बजाते इस हद तक खो जाती हैं कि उनकी बेहतर क्वालिटी की स्ट्रिंग भी टूट जाती है। इसी समस्या के निवारण की सोच उन्होंने मकड़ी की लार से अपने वायलिन के लिए स्ट्रिंग तैयार की थी। ज्ञात हो कि इसी लार से ताना-बाना बुन बुलेटप्रूफ जैकेट भी तैयार की जा चुकी है।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य धागे से तैयार वायलिन स्ट्रिंग में धागों की बटन में बीच-बीच में रिक्त स्थान रह जाता है, जो उसे मजबूती नहीं दे पाता। मगर लार से तैयार धागे को इस प्रकार बांटा गया है कि उसमें खाली स्थान रहने की गुंजाइश ही नहीं रह गई है। तैयार स्ट्रिंग मजबूत तो है ही, उससे स्पष्ट स्वर लहरी भी निकलती है।

अपने परीक्षण के लिए प्रोफेसर शिजेयोंशी ने मकड़ी की नेफिला मस्कुलस्टा प्रजाति की तीन सौ मकड़ियों को पाला और उनसे कच्च माल तैयार किया। इस तरह वायलिन स्ट्रिंग अनोखा है। वायलिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्ट्रिंग विभिन्न ध्वनि प्रभाव छोड़ने में सक्षम है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका निर्माण वैज्ञानिक तरीके से किया गया है।

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  • Web Title:लार से वायलिन की झंकार