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...तो अब साकार होंगे बेरोजगार युवकों के सपने

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनती देख बेरोजगार युवकों को रोजगार भत्ता पाने की उम्मीद साकार होती दिखने लगी है। बुंदेलखण्ड के सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण के लिए भारी संख्या में युवाओं का जुटना यही संकेत करता है। पिछले एक माह के अंतराल में बुंदेलखण्ड के सभी सात जिलों में हजारों बेरोजगारों युवकों ने अपना पंजीयन कराया है।

बुंदेलखण्ड में आपदाओं और सूखे के चलते भुखमरी जैसे हालात हैं, रोटी-रोजगार की तलाश में गैर पढ़े-लिखे के अलावा हजारों की तादाद में शिक्षित युवा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व सूरत जैसे महानगरों की शरण ले रखी थी, वे अपना पंजीयन कराने के लिए संबंधित जिलों में लौटने लगे हैं।

ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सत्ता हासिल होने पर बेरोजगार युवकों को भत्ता और 12वीं उत्तीर्ण छात्रों को लैपटॉप देने का ऐलान किया है। अब जबकि राज्य में सपा की सरकार बनने जा रही है तो युवाओं को लगता है कि सपा अपने वायदे पूरे करेगी। 

बुंदेलखण्ड के बेरोजगार युवाओं को शायद यह अहसास पहले ही हो गया था कि राज्य में सपा की सरकार बनेगी। इसीलिए, पांचवें-छठवें चरण के मतदान के बाद वे बांदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, झांसी व ललितपुर के सेवायोजन कर्यालयों में पंजीकरण के लिए उमड़ने लगे।

बांदा जिले के तेन्दुरा गांव के निवासी संतोष कुमार कोरी जो दोनों पैरों से विकलांग हैं। उन्होंने बताया, ''पूर्व की सपा सरकार में पांच सौ रुपये का बेरोजगारी भत्ता मिला था। इस बार सपा ने दो हजार रुपए देने का वायदा किया है। इसलिए मतदान के तत्काल बाद उन्होंने अपने पंजीयन का नवीनीकरण कराया है।''

बांदा शहर की स्नातक छात्रा कु़ अंजली ने बताया, ''मैंने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई पूरी की है। पूर्व की सपा सरकार में मुझे कन्या विद्याधन योजना के तहत साइकिल और पैसे भी मिले थे। सरकारी नौकरी की उम्मीद तो नहीं है, पर 'उम्मीद की साइकिल' से अपने भले की उम्मीद जरूर है, इसलिए रोजगार कार्यालय में बेरोजगारी का पंजीयन करा दिया है।''

बांदा के जिला सेवायोजन अधिकारी ए.पी. शुक्ल ने बताया, ''एक माह में करीब साढ़े चार हजार बेरोजगारों ने पंजीयन कराया है। अब भी रोजाना औसतन डेढ़ सौ नए पंजीयन दर्ज किए जा रहे हैं।''

सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश रैकवार का कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार बुंदेलखण्ड के सभी जिलों में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षित बेरोजगार युवा पहले से ही पंजीकृत हैं। 

रैकवार ने बताया, ''आपदाओं की वजह से यहां के बेरोजगार युवक पलायन कर गए थे, जो भत्ता पाने की ललक में वापस आकर पुन: पंजीयन करा रहा है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती सरकार में उद्योग स्थापित न किए जाने से बेरोजगारों की संख्या में इजाफा हुआ है।

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