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गोपालबाद ग्रामीण बैंक में करोड़ों का गबन!

जिला मुख्यालय से 36 किलोमीटर दूर स्थित सरमेरा प्रखंड के गोपालबाद गांव स्थित मध्य बिहार ग्रामीण बैंक इन दिनों खासे चर्चा में है। इस बैंक के अधिकारियों व कर्मियों ने ग्राहकों के करोड़ों रुपये का बारा-न्यारा कर लिया। चौंकाने वाली बात यह कि कई साल पहले मर चुके लोगों को भी बैंक ने लोन देकर वसूली के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री के दोस्त थे स्व. डॉ. अशोक कुमार सिन्हा। घर गोपालबाद। इनकी मौत 18 मार्च 2004 को हुई थी। इनके दाह संस्कार में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे। लेकिन 20 फरवरी 2012 को मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, गोपालबाद ने डॉ. अशोक कुमार सिन्हा के नाम नोटिस जारी कर कहा है कि 2010 में कई बार वे बैंक से लोन लिये हैं।

इसी प्रकार, कौशल्या देवी (प्रणावां बिगहा), नवल किशोर प्रसाद सिंह व कैलाश प्रसाद सिन्हा (गोपालबाद) की मौत कई साल पहले हो गयी है। लेकिन गोपालबाद बैंक ने इनके द्वारा 2010 में लोन लेने और पैसा जमा न करने के विरुद्ध नोटिस दी है। यह तो बस नमूना भर है। 400 से अधिक ऐसे क्रेडिट कार्ड मिले हैं जिनपर क्रेडिट लिमिटेशन से अधिक रुपये निकाले गये हैं। वहीं सैकड़ों क्लोज्ड एकाउंट के नाम लोन के करोड़ों रुपये की निकासी की गयी है।

गोपालबाद ग्रामीण बैंक के पोषक गांवों के पीड़ित लोगों ने ‘भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति’ बनाकर सीएम से लेकर बैंक के चेयरमैन तक से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। हालांकि रुपये के घोटाले का अहसास ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिसम्बर 2011 में ही हो गया था। इसी कारण वहां के मैनेजर और कैशियर को बदल दिया था।

आरएम दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि अबतक 400 से अधिक क्रेडिट कार्ड व 18 स्वयं सहायता समूहों के खातों को खंगाला जा चुका है। लाखों रुपये के गबन का मामला उजागर हो चुका है। लेकिन मामले की सूक्ष्मता से पूरी जांच के बाद गबन की राशि करोड़ों में जा सकती है। मामले की जांच के उद्देश्य से ही सभी कजर्दारों को पूरे स्टेटमेंट के साथ नोटिस दी जा रही है ताकि हर लेनदेन की पूरी छानबीन की जा सके।

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  • Web Title:गोपालबाद ग्रामीण बैंक में करोड़ों का गबन!