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महिला अस्पताल में फिर हंगामा, पुलिस तैनात

पंडित कैलाश चंद्र पांडे की नवजात बेटी का चार दिन बाद भी पता न चलने से गुस्साए पर्वतीय समाज के लोगों ने फिर महिला अस्पताल में सीएमएस का घेराव किया। इन लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर बड़ी संख्या में फोर्स अस्पताल पहुंच गया। इससे पहले पर्वतीय समाज के लोगों ने डीआईजी को ज्ञापन भी दिया।

महिला अस्पताल में छह मार्च को सुबह करीब पौने दस बजे पुजारी कैलाश पांडे की पत्नी नेहा पांडे ने बेटी को जन्म दिया था। मरीज को बेड नंबर 19 पर भेज दिया गया और बच्ची परिजनों को हवाले कर दी गई थी। कुछ देर बाद पंडित कैलाश मंदिर बंद करने बिहारीपुर चले गए। इसी बीच कोई अज्ञात महिला बच्ची को टीका लगवाने के बहाने नेहा पांडे से मांगकर ले गई। कुछ देर बाद पंडित कैलाश पांडे लौटकर आए तो पता चला कि बेटी गायब हो चुकी है। इस मामले में होली से पहले पर्वतीय समाज के देवेंद्र जोशी, राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल, महेश खर्कवाल, गिरीश चंद्र पांडे आदि ने महिला अस्पताल में सीएमएस डा. मंजरी नारायण का घेराव किया था और होली बाद फिर घेराव करने की चेतावनी दी थी।
शनिवार को पर्वतीय समाज के लोगों ने सपा नेता प्रमोद विष्ट के नेतृत्व में डीआईसी राजकुमार को ज्ञापन दिया। बाद में महिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस डॉ. सक्सेना से अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। वार्ता के दौरान उनके कार्यालय में माहौल इतना गर्मा गया कि एक महिला डॉक्टर रो पड़ीं। राजेंद्र घिल्डियाल और महेश चंद्र खर्कवाल ने कहा कि वो अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अभी तक अस्पताल के तीन नामजद लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से दुखी हैं। लोगों ने सीएमएस पर पक्षपात करके स्टाफ को बचाने का भी आरोप लगाया जबकि सीएमएस ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दोषी कौन है, यह पुलिस ही तय करेगी। क्योंकि अब पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।


कोतवाल राजा सिंह अस्पताल पहुंचे
अस्पताल में हंगामा की सूचना पर कोतवाल राजा सिंह, एसआई नीरज धामा पुलिस बल के साथ महिला अस्पताल पहुंचे। पर्वतीय समाज के लोगों को समझाया कि वे पुलिस पर भरोसा रखें और 24 घंटे इंतजार करें। राजा सिंह ने आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर बच्चाी मिलेगी वर्ना संदिग्ध सभी लोग जेल जाएंगे। कोतवाली पुलिस महिला अस्पताल में तैनात गीता नाम की होमगार्ड को पूछताछ के लिए ले गई। कोतवाल ने कुछ स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ करने का भी संकेत दिया।

तीन स्वास्थ्यकर्मी संदेह के घेरे में
अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा ने महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स उमा दयाल, बानो एवं शैली को भी नामजद किया है। इन लोगों पर अज्ञात महिला से सांठगांठ कर बच्ची का अपहरण करने का आरोप लगाया है। पुलिस इन तीनों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।

फोटो- महिला अस्पताल में प्रकरण की जांच करते एडी हेल्थ डा. आरआर त्यागी।

एडी हेल्थ भी पहुंचे महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में बच्ची चोरी होने और आए दिन होने वाले हंगामों की खबर पाकर एडी हेल्थ डॉ. आरआर त्यागी भी महिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने सीएमएस डॉ. मंजरी नारायण, महिला डॉक्टरों और स्टाफ से काफी देर पूछताछ की। इस दौरान कोतवाल राजा सिंह भी अस्पताल पहुंच गए।

दलालों पर नहीं कसा शिकंजा
बच्ची चोरी के मामले में पुलिस-अस्पताल प्रशासन केवल स्टाफ और होमगार्ड पर ही शिकंजा कस रहा है, लेकिन रोजाना अस्पताल में मंडराने वाली दलालों को लेकर कोई बात नहीं कर रहा। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अस्पताल में रोजाना आने वाली महिलाएं कौन सी हैं और किस-किस स्टाफ से उनकी नजदीकी है। सूत्र बताते हैं कि अगर पुलिस चार पांच दलालों पर ही शिकंजा कसने लगे तो मामले का खुलासा हो सकता है। 

महिला अस्पताल में खुफिया सक्रिय
बच्ची चोरी के बाद महिला अस्पताल में माहौल काफी तनाव भरा है। पिकेट के साथ ही खुफिया विभाग के लोग भी सक्रिय हो गए हैं। महिला अस्पताल आने जाने वाले लोगों पर लगातार निगाह रखी जा रही है। 

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