DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब एक ही चर्चा, किसको लाल बत्ती

सोमवार को अखिलेश यादव मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, यह लगभग तय हो चुका है। उनके मंत्रिमंडल में कानपुर और आसपास के जिलों से कौन मंत्री होगा इसको लेकर सभी कयास लगा रहे हैं। नाम तो कई लिए जा रहे हैं पर गम्भीरता जिन नामों पर हैं वह एक-दो ही हैं। कानपुर और आसपास के कुछ विधायकों ने अपना एक गुट बनाकर शनिवार को लखनऊ में बैठक का फैसला किया है। इस गुट में दावेदार हालांकि कई हैं पर वे चाहते हैं गम्भीर नाम तय हों और सांसद राकेश सचान समेत बड़े नेता उनकी पैरवी करें।

शहर में सबसे पहले चौधरी हरमोहन सिंह या उनके परिवार का कोई व्यक्ति सत्ता के साथ जोड़ा जाएगा, यह लगभग तय है। उसको किस रूप में शामिल किया जाएगा यह तय होना है, एक सम्भावना परिवार के किसी व्यक्ति को राज्यसभा में भेजे जाने की भी है। इसके बाद शहर के इस बार भी खाली रहने की आशंका ही ज्यादा है, भले इरफान और सतीश निगम के नाम लिए जा रहे हों पर सम्भावना कम ही है। एक बड़ी सम्भावना रमाबाईनगर की रसूलाबाद सीट से जीते शिवकुमार बेरिया की है पर इस पर मुहर भी तगड़ी पैरवी ही तय करेगी।

लाल बत्ती के लिए बिठूर से विधायक मुनीन्द्र शुक्ला, घाटमपुर से विधायक इन्द्रजीत कोरी, बिल्हौर से जीतीं अरुणा कोरी, फतेहपुर से जीते मोहम्मद कासिम और मदन गोपाल वर्मा, रमाबाईनगर की सीटों से जीते शिवकुमार बेरिया और योगेन्द्रपाल सिंह ने एक साथ बैठ कर रणनीति बनाने का फैसला किया है। शनिवार को लखनऊ में सपा विधायकों की बैठक के बाद यह गुट अलग बैठ कर अपनी रणनीति तैयार करेगा। इसमें शिवकुमार बेरिया, इन्द्रजीत कोरी, मदनगोपाल वर्मा, कासिम और योगेन्द्रपाल सभी लाल बत्ती के दावेदार हैं। इस बार हालांकि मंत्रिमंडल छोटा रखने का फैसला लिया गया है फिर भी इनमें से एक या दो विधायकों को लाल बत्ती मिलने की सम्भावना है। जरूरत किसी नेता की ठीक से पैरवी की है, शायद इसीलिए इन्होंने सांसद राकेश सचान को बैठक में आमंत्रित किया है। ठीक से पैरवी हुई तो चार बार विधायक रहे और नारायण दत्त तिवारी की कैबिनेट में मंत्री रह चुके इन्द्रजीत कोरी और छठवीं बार विधायक बने बेरिया को लालबत्ती की पूरी सम्भावना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब एक ही चर्चा, किसको लाल बत्ती