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वरिष्ठ नेताओं पर गिर सकती है गाज

उत्तर प्रदेश सहित तीन राज्यों में करारी शिकस्त का खामियाजा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भुगतना पड़ सकता है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनावी राज्यों के प्रभारियों से मुलाकात में इस तरह के संकेत दिए हैं। पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि बजट सत्र के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में फेरबदल हो सकता है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक नतीजे न आने से पार्टी अध्यक्ष चिंतित हैं। मुलाकात के दौरान उनका चेहरा बेहद गंभीर था। हालांकि, बातचीत के दौरान कई नेताओं ने परिणामों के सकारात्मक पहलू गिनाने की कोशिश की।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि पांच में से चार राज्यों में पार्टी की सीट बढ़ी हैं। पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात के बाद एक पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का मुकाबला भाजपा से है। इन चुनाव में एक राज्य में जहां भाजपा खाता नहीं खोल पाई, वहीं तीन राज्यों में उसके विधायकों की संख्या घटी है। सिर्फ गोवा में भाजपा को बढ़त मिली है।

मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने सभी नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ काम करने की हिदायत दी है। उत्तर प्रदेश में हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा अपने-अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर चुके हैं।

सोनिया गांधी ने पार्टी मुख्यालय में दिग्विजय सिंह, उत्तराखंड के प्रभारी चौधरी बीरेंद्र सिंह, पंजाब के प्रभारी जी.एस. चरक और गोवा के प्रभारी जगमीत बरार से अलग-अलग मुलाकात की।

दिल्ली से बाहर होने की वजह से मणिपुर के प्रभारी कांग्रेस अध्यक्ष से नहीं मिल पाए। इनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, जनार्दन द्विवेदी, बी.के. हरिप्रसाद, मुकुल वासनिक और गुलाम नबी आजाद भी कांग्रेस अध्यक्ष से मिले।

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