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शहर में 23सौ स्थानों पर जली होली

गाजियाबाद। कार्यालय संवाददाता। गली-मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में बुधवार को होलिका दहन किया गया। होली जलाने के दौरान गीतों व ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग झूमते-नाचते रहे। आंकड़ों के मुताबिक इस बार शहर में करीब 23 सौ स्थानों पर होलिका जलाई गई। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 200 अधिक रही। इसके लिए लोगों ने लकड़ी, कंडे के साथ सरकंड़े और फूस का इंतजाम किया गया।

लोग सुबह से ही होली खेले रघुवीरा, होली रे, होली रे आदि गीतों पर मस्ती काटते दिखे। होलिका दहन के लिए पार्को, चौक-चौराहों पर विशेष रूप से व्यवस्था की गई थी। सुबह से ही महिलाएं, खासकर नवविवाहिताएं होली पूजन में व्यस्त रही। दिल्ली गेट पर होली वाली गली में पूजन के कारण सुबह से ही रास्ता बंद कर दिया गया। यहां पूजा-अर्चना के लिए दिनभर महिलाओं की भीड़ लगी रही।इन स्थानों पर रही प्रमुख होलीडासना गेट, दिल्ली गेट, रमते रात रोड, घंटाघर, दूधेश्वरनाथ मंदिर बजरिया, नवयुग मार्केट के अलावा राजनगर, संजय नगर, कविनगर, विजय नगर, प्रताप विहार, नेहरूनगर, नंदग्राम, शास्त्रीनगर आदि कॉलोनियों में लगभग 23 सौ से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया गया।

होलिका में लोग गेंहू की बाली को पकाकर खाते और एक-दूसरे से गले मिले। किदवंती है कि होलिका की पकी बाली खाने से दांतों में मजबूती आती है। साफ-सफाई और चूने का छिड़कावहोलिका दहन के कारण बुधवार को अधिकतर कॉलोनियों में नगर निगम की ओर से साफ-सफाई के साथ चूने का छिड़काव कराया गया। जिन स्थानों पर होलिका दहन किया गया वहां निगम की ओर से सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई गई।

शहर के क ई मुख्य स्थानों पर होलिका दहन पार्को में किया गया। रात के समय कॉलोनियों के लोगों के होली भी खेली। अलग-अलग समय पर हुआ होली दहनदूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी के मुताबिक होली का दहन का समय साढ़े छह बजे से रात ग्यारह बजे तक रहा। सबसे शुभ मुहूर्त साढ़े आठ बजे रहा। साढ़े आठ बजे शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना के बाद दूधेश्वरनाथ मंदिर में बनाई गई विशाल होली का दहन किया गया। अधिकांश स्थानोंे पर इसी समय होलिका दहन की गई।

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