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आतंकी संगठनों के खातों की पड़ताल करेंगे बैंक

बरेली। आशीष दीक्षित।

आतंकी संगठनों के वित्तीय स्रेतों को ध्वस्त करने के लिए ग्लोबल स्तर पर कवायद तेज हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र संघ से आए एक अलर्ट लेटर के बाद सभी बैंकों ने संदिग्ध खातों की पड़ताल शुरू कर दी है। यूएन के पत्र में अल कायदा से जुड़े कुछ व्यक्तियों और कंपनियों के नाम भेजे गए हैं। पूरा विश्व अब आंतकवाद से निपटने की एक साथ कोशिश कर रहा है। आंतकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले लोगों पर लगाम कसना इसमें सबसे प्रमुख है। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक कमेटी ने इस साल की शुरुआत में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को एक पत्र भेजा। इस पत्र में आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़े ढाई सौ ज्यादा लोग और 68 कंपनियों के नाम हैं।

मंत्रालय ने पत्र के मिलते ही सक्रियता दिखाते हुए इसे रिजर्व बैंक को भेज दिया। आरबीआई को निर्देश दिया गया कि वह देश के सभी बैंकों को यह पत्र जारी कर पड़ताल शुरू करा दें। और फिर शुरू हुई पड़ताल आरबीआई ने 24 फरवरी को सभी बैंकों के साथ ही तमाम वित्तीय संस्थानों को भी यह पत्र भेज दिया। डिप्टी जनरल मैनेजर एसके झा के नाम से जारी इस पत्र में निर्देश है कि सभी बैंक अपने खाताधारकों की सूची से इस सूची का मिलान कर लें। अगर कोई भी नाम इससे मिलता जुलता या फिर संदेहास्पद लगता है तो उक्त खाताधारक की दुबारा से जांच कराई जाए।

नए अकाउंट खोलने से पहले भी इस सूची को ध्यान में रखा जाए, ताकि कोई भी ऐसा व्यक्ति बैंक में एकाउंट न खोल पाए जो आंतकवादियों को वित्तीय सहायता पहुंचाना चाहता हो। वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं नामइन आंतकी संगठनों और लोगों के नाम की सूची संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस आदेश के बाद बैंकों में पड़ताल का काम तेजी पकड़ चुका है। वैसे इस तरह की पड़ताल का आदेश मुंबई हमले के बाद भी सभी बैंकों को मिले थे। लेकिन इस बार मामला यूएन से जुड़ा होने के कारण बैंक अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।

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