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न्यायालय ने छात्र को परीक्षा देने की अनुमति दी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 19 साल के उस छात्र को 12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है जिसे कदाचार के आरोप में स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था। इसके साथ ही अदालत ने उसके निष्कासन को भी रद्द कर दिया और स्कूल के परिसर में प्रवेश करने पर लगी रोक भी हटा दी। जामिया सीनियर सेकंडरी स्कूल ने एम. एम सरवर के खिलाफ अनुशासनहीनता और संस्थान के निदेशक एवं प्राचार्य सहित अन्य कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया था।

स्कूल के अनुसार उसके खिलाफ लगातार शिकायतों को देखते हुए उसे 10 दिसंम्बर 2010 में निष्कासित कर दिया गया था। उस समय वह 11वीं कक्षा में था। बिहार के मधेपुरा का रहने वाला सरवर ने इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। छात्र ने अपनी दलील में कहा कि उसे बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए ही स्कूल से निष्कासित कर दिया गया और स्कूल ने एक तरफा फैसला किया। न्यायमूर्ति एच. कोहली ने सरवर को राहत प्रदान करते हुए कहा कि स्कूल ने नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया।

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