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सिंह बने मुलायम

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की चुनावी दौड़ में हाथी हांफ गया और साइकिल बहुत आगे निकल गई। अब सत्ता साइकिल के पहिए से ही चलेगी।

समाजवादी पार्टी को स्पष्ट बहुमत के लिए 202 सीटें चाहिए थीं। मगर यूपी के मतदाताओं ने मुलायम सिंह पर 224 सीटें न्योछावर कर दीं। जबकि बसपा पिछले चुनाव के मुकाबले पचास फीसदी सीटें भी हासिल नहीं कर पाई और अब उसे विपक्ष में बैठना होगा। चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लगा है।

उत्तर प्रदेश में इस दफा चुनाव परिणाम काफी चौंकाने वाले रहे। आशंका व्यक्त की जा रही थीं कि शायद किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। मगर, समाजवादी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर बसपा को सत्ता से बेदखल करने में सफलता हासिल कर ली। राज्य में सपा की सरकार बनेगी और पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की मुख्यमत्री के पद पर ताजपोशी अब औपचारिकता भर रह गई है। मुलायम ने इस जीत का सेहरा अपने बेटे व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के सिर बांधा है। उनका कहना है कि अखिलेश की मेहनत रंग लाई है। 

भाजपा भी इस चुनाव में कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई। उसका प्रदर्शन करीब-करीब पिछले चुनावों जैसा ही रहा। हालांकि, चुनावों से पहले वह राज्य में सरकार बनाने का दावा कर रही थी। अयोध्या सीट से भाजपा 1992 के बाद पहली बार हारी है। यहां से सपा ने जीत दर्ज की है।

उधर, कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले चुनावों की तुलना में थोड़ा बेहतर हुआ है, मगर अपने ही गढ़ रायबरेली और अमेठी में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। रायबरेली संसदीय क्षेत्र से सोनिया गांधी खुद सांसद हैं, जबकि अमेठी  राहुल की राजनीतिक कर्मभूमि है। दोनों संसदीय क्षेत्रों की कुल 10 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को केवल दो सीटों पर ही जीत हासिल हुई है। जबकि राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा ने इन क्षेत्रों में जमकर चुनाव प्रचार किया था। पिछले बार पार्टी को यहां से सात सीटें मिली थीं।

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