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वेस्ट यूपी में दिग्गजों को लगा जोर का झटका

उत्तर प्रदेश में बसपा का तख्तापलट होने के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर मंडलों में बसपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। छह जिलों की 33 सीटों पर बसपा पुराना प्रदर्शन तो नहीं दोहरा पाई मगर 11 सीटें जीतने में कामयाब हो गई। सपा और भाजपा आठ-आठ सीटों पर जीत हासिल कर दूसरे नंबर पर रही हैं।

कांग्रेस और रालोद गठबंधन ने छह सीटों पर कब्जा किया है, जिसमें से कांग्रेस को चार और रालोद को दो सीटें मिली हैं। इसी तरह बिजनौर जिले में भी बसपा तीन सीटें गंवाने के बावजूद चार सीटें जीतकर पहले स्थान पर रही है। इस जिले में सपा और भाजपा को दो-दो सीटें मिली हैं। पिछले चुनाव में इस क्षेत्र में बसपा ने 26 सीटें जीती थीं। इस बार उसे 15 सीटों का नुकसान हुआ है। पश्चिम में वोटरों ने इस बार बड़े-बड़े दिग्गजों को झटका दे मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह को अपने लोकसभा क्षेत्र बागपत में आने वाली तीन विधानसभा सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा है।

अजित के गढ़ बागपत में पड़ने वाली बड़ौत और बागपत सीट पर इस बार बसपा ने नीला परचम लहराया है तो सिवालखास सीट सपा के खाते में गई है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह अपने संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में एक भी सीट नहीं जितवा पाए।

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