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गोवर्धन में चला हाथी मथुरा में हारा फूल

मथुरा। निज संवाददाता। ब्रजभूमि की पांच विधान सभा सीटों के चुनावों के नतीजे बेहद चौंकाने वाले आए हैं। सूबे की महत्वपूर्ण मांट विधान सभा सीट पर पिछले छह बार से विधायक बनते आ रहे श्याम सुंदर शर्मा को रालोद के युवा स्टार जयंत चौधरी ने भारी मतों के अंतर से हराया है। इससे पहले लोक सभा के चुनाव में भी जयंत श्याम को हरा चुके हैं।

उधर छाता सीट से चुनाव लड़े प्रदेश के कृषि मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण को रालोद के पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह ने हजारों वोटों से हराया। गोवर्धन सीट जीतकर बसपा के विधायक राजकुमार रावत ने पार्टी की लाज बचाई।

सबसे ज्यादा कशमकश के हालात मथुरा सीट को लेकर रही। यहां अंतिम छणों में कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप माथुर के कम वोटों के अंतर से जीतने से भाजपा में उबाल आ गया। भाजपा ने यहां सर्विस वोटों के निरस्त होने के मामले को उठाते हुए जमकर बवाल किया। नेशनल हाईवे को जाम भी किया गया।

चुनाव में रालोद-कांग्रेस गठबंधन को बढ़त मिली है। रालोद को तीन और कांग्रेस को एक सीट मिली है। वहीं सपा शहर सीट मुख्य मुकाबले के पास रही। मथुरा जनपद की पांच सीटों पर हुए चुनाव के परिणामों को लेकर यहां मतगणना स्थल मंडी परिसर में सुबह से लोगों की भीड़ उमड़ने लगी।

मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हुई। सबसे पहले पोस्टल वोटों की गिनती हुई। यहां सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नतीजा सूबे की वीआईपी सीट मांट विधान सभा का आया। मांट से रालोद के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी और तृणमूण कांग्रेस की टिकट पर लड़े छह बार से चुनाव जीतते आ रहे विधायक पं. श्याम सुंदर शर्मा के बीच मुकाबला हुआ।

इसमें रालोद उम्मीदवार जयंत चौधरी ने 87 हजार 62 वोटों से अपने निकटतम प्रतिद्वुंदी तृणमूल कांग्रेस के श्याम सुंदर शर्मा को हराकर विजयी हुए। श्याम को 71 हजार सात वोट मिले। यहां भाजपा की जमानत जब्त हो गई। इसी तरह छाता विधान सभा सीट के चुनाव में भी मुकाबला कांटे का रहा।

यहां बसपा के उम्मीदवार के रूप में प्रदेश के कृषि मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण को रालोद-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह ने 15 हजार 392 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में तेजपाल सिंह को 94757 वोट मिले जबकि चौ. लक्ष्मीनारायण को 80 हजार 163 वोट मिले।

गोवर्धन विधान सभा सीट पर पहले राउण्ड की मतगणना में रालोद के उम्मीदवार ठा. मेघश्याम सिंह महज सौ वोटों से आगे आए मगर इसके बाद रालोद उम्मीदवार सिंह बसपा के उम्मीदवार विधायक राजकुमार रावत से लगातार पिछड़ते चले गये।

रावत ने यहां दूसरे राउण्ड से ऐसी बढ़त बनाई कि फिर उनका हाथी सबको पीछे छोड़ता चला गया। रावत कभी ढाई हजार से तो कभी आठ हजार वोटों से बनी बढ़त अंतिम दौर में 21 हजार 545 वोटों पर पहुंचते ही राजकुमार रावत को विजयी घोषित कर दिया गया।

यहां भाजपा के उम्मीदवार कारिंदा सिंह 34 हजार 68 वोट ही पा सके। उधर बलदेव विधान सभा सुरक्षित सीट से रालोद-कांग्रेस उम्मीदवार विधायक पूरन प्रकाश ने भी जीत का आंकड़ा सबसे ज्यादा रखा। रालोद उम्मीदवार पूरन प्रकाश ने 78 हजार 505 वोट पाकर बसपा के उम्मीदवार चन्द्रभान सिंह पप्पू को पराजित किया।

चन्द्रभान को 47 हजार 119 वोट मिले। भाजपा के अजय कुमार पोइया को 45372 वोट ही मिले। इसके अलावा मथुरा-वृंदावन विधान सभा सीट का चुनाव बेहद रोचक भरा रहा। यहां सुबह से दोपहर तक तो भाजपा उम्मीदवार देवेन्द्र शर्मा और कांग्रेस के उम्मीदवार प्रदीप माथुर में मुकाबला हजारों वोटों के बीच आगे पीछे का रहा।

मगर सपा के उम्मीदवार डा. अशोक अग्रवाल मुकाबले के ईदगिर्द चलते रहे। मगर जैसे ही शाम को वोटों की गिनती अंतिम दौर में पहुंची तो वोटों का अंतर बहुत कम वोटों पर आ गया। यहां सुबह से ही भाजपा उम्मीदवार के जीत के आसार बनत रहे।

मगर एक दौर तो ऐसा भी आया जब भाजपा, कांग्रेस और सपा उम्मीदवार में महज तीन-तीन सौ वोटों का ही अंतर रहा। सबकी निगाह अगले राउण्ड पर टिक गई। मगर जैसे ही अंतिम राउण्ड की गिनती शुरू हुई वैसे ही बाजी कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप माथुर 307 वोटों से जीत गये।

कांग्रेस उम्मीदवार माथुर को 54 हजार 498 वोट मिले। जबकि भाजपा के देवेन्द्र शर्मा को 53 हजार 997 वोट मिले। वहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डा. अशोक अग्रवाल को 53 हजार 49 वोट वोट मिले। वहीं बसपा उम्मीदवार पुष्पा शर्मा को 30 हजार 240 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहीं।

वे अपनी जमानत नहीं बचा सकीं। यहां जैसे ही नतीजे घोषित होने का समय आया वैसे ही भाजपा नेताओं का धर्य जबाव दे गया। उन्होने पूरे प्रदेश में चुनाव आयोग के आदेश पर निरस्त हुए सर्विस वोट के मामले को उठाते हुए उनकी गणना करने की मांग उठाई। इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए हाईवे पर रोड जाम भी किया।

मगर पुलिस के समझाने पर जाम खोल दिया गया। जनपद में इस बार का चुनाव सबसे ज्यादा रालोद-कांग्रेस गठबंधन के लिए सुखद रहा। पिछले चुनाव में एक सीट की पार्टी ने इस चुनाव में बढ़त बनाकर तीन सीटें जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं उसके गठबंधन में कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी है।

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के लिए भी चुनाव अच्छे प्रदर्शन वाला रहा है। पिछले 2007 के चुनाव में सत्तारूढ़ रही सपा के उम्मीदवार रहे कृष्ण कुमार शर्मा मुन्ना को 17 हजार वोट मिले थे उन्हें अपने भाई पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा का भी समर्थन था।

जबकि इस चुनाव में सपा के उम्मीदवार डा. अशोक को 53 हजार 49 वोट मिले।सपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। जनपद में बसपा की लाज बचाने का श्रेय गोवर्धन सीट जीते राजकुमार रावत को मिल रहा है क्योंकि अन्य चार सीटों पर बसपा के उम्मीदवार हार गये।

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