DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जानकारियों का छिछलापन

जाने क्यों छिछलापन हमें भाता है, गहराई नहीं। हमारे पास ज्यादातर जानकारियां छिछली होती हैं, जिनका ढोल हम पीटते रहते हैं। वह मॉडर्न आर्ट के बारे में तो कुछ भी नहीं जानते, पर किसी पेंटिंग को देखकर यह कहने से बाज नहीं आते थे कि क्या बकवास चीज बनाई है। इससे अच्छी तो मेरी बेटी ड्रॉइंग करती है। आखिर उन्होंने एक दिन विख्यात पेंटर नंदलाल बोस का एक साक्षात्कार पढ़ा और फिर मॉडर्न पेंटिंग से संबंधित उनकी रुचि जाग गई। आगे अपनी जानकारी के बल पर वह एक आर्ट क्रिटिक के रूप में एक अखबार से पार्ट टाइम जुड़ गए।

मनोवैज्ञानिक क्रिस्टोफर पैटरसन ने अपने शोध के जरिये पाया कि चीजों पर नकारात्मक टिप्पणी करने वाले लोगों का नाता ज्यादातर मामलों में उस चीज से सकारात्मक होता है, पर उसके बारे में उनके पास जानकारी नहीं होती, जो उन्हें उसके खिलाफ उकसाती है। अगर कोई कहता है, बेसबॉल बुरा खेल है, तो यह तय है कि बेसबॉल से उसका परिचय है, लेकिन उसका बुरा कहना यह साबित करता है कि उसके बारे में उसे ज्यादा जानकारी नहीं है। गहराई से किसी चीज को समझना व्यक्तित्व को बेहतर बनाता है। किसी नीरस से नीरस व्यक्ति के बारे में जानकारी हासिल करें। वह क्या करता है, कहां से आया और उसकी सोच कैसी है? जैसे-जैसे आपको इनका जवाब हासिल होगा, आप पाएंगे कि वह एक आकर्षक व्यक्ति है।

विंस्टन चर्चिल अपनी इस क्षमता से सभी को कायल बना लेते थे। एक बार वह नए युद्धपोत पर निरीक्षण के लिए गए, तो वहां के कमांडर ने उन्हें चलताऊ जानकारी देने की कोशिश की। फिर चर्चिल ने उस युद्धपोत की बारीकियों को बताकर सभी को हतप्रभ कर दिया। कमांडर ने स्वीकार किया कि एक-दो जानकारी तो उन्हें भी नहीं थी। किसी चीज के बारे में जानकारियां हासिल कर उसे रुचिकर बनाया जा सकता है। अगर जानकारियों का छिछलापन रहा, तो नीरसता घर बना लेती है।
प्रवीण कुमार

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जानकारियों का छिछलापन