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तितली और चिड़ियों के घर को देख आओ

दिल्ली में बाहर से आई चिड़ियों और जल में रहने वाले जीवों का खूबसूरत प्राकृतिक आशियाना है। यह दुर्लभ नजारा यमुना नदी के किनारे 457 एकड़ भूमि पर बने यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में देखा जा सकता है। तो इस वीकएंड तुम मम्मी-पापा के साथ यहां जाओ और चिड़ियों के घर को देख आओ

यूं तो दिल्ली में हर तरफ ईंट और पत्थर से बने मकान और बड़ी-बड़ी इमारतें हर ओर दिखाई देती हैं, लेकिन तुम्हें यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसी दिल्ली में बाहर से आई चिड़ियों और जल में रहने वाले जीवों के लिए खूबसूरत प्राकृतिक आशियाना भी है। यह दुर्लभ नजारा यमुना नदी के किनारे 457 एकड़ भूमि पर बने, पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद गांव से लगे यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में देखा जा सकता है। इस पार्क को पर्यावरण शिक्षा के लिए खुले पुस्तकालय के रूप में जाना जाता है। रंग-बिरंगे फूलों और वनस्पतियों के साथ कई तरह की घास भी यहां देखने को मिलती है। पशु-पक्षियों के इस प्राकृतिक घर को देखने में तुम बच्चों को बहुत आनंद मिलेगा।

यहां तुम कई तरह के पेड़-पौधों की प्रजातियों की जानकारी के साथ ही रंग-बिरंगी तितलियों के अंडे देने से लेकर पूरे जीवन की कहानी को देख सकते हो। फलों और फूलों की सैकड़ों प्रजातियां यहां हैं, जिसके कारण यहां साइबेरिया, चीन, दक्षिण अफ्रीका से विशेष चिड़ियां आती हैं।

इस पार्क में 10 मिट्टी के टीले हैं, जो पक्षियों के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए हैं। यही इसकी खास विशेषता है। पक्षियों के लिए इन मिट्टी के टीलों को प्राकृतिक स्वरूप प्रदान किया गया है। यमुना के किनारे होने के कारण यहां पार्क की भूमि दलदली है, जिसमें विशेष तरह की मछलियों के साथ ही प्रवासी बत्तख समेत जल में रहने वाले अन्य पक्षियों को देखा जा सकता है। यमुना नदी की 50 साल पहले क्या स्थिति थी और आज की खराब हालत से बचने के साथ  उपाय की भी जानकारी दी जाती है।

पार्क की कहानी
यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक प्रमुख डॉ. फैयाज खूदसर के अनुसार, ‘दिल्ली का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। यहां यमुना नदी और अरावली रेंज दिल्ली की जान है। इस कारण दिल्ली में लोग बसे, लेकिन पर्यावरण की अनदेखी और प्राकृतिक स्नोत के अंधाधुंध दोहन के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। इन प्राकृतिक स्नोत को संरक्षित करने के साथ ही लोगों में जागरूकता का प्रसार करने के लिए 2002 में यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इसमें पशु-पक्षियों के प्राकृतिक पर्यावास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की जानकारी भी दी जाती है’।

कैसे जाओगे
पूर्वी दिल्ली में यमुना के किनारे स्थित है यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क। यह आईएसबीटी (अंतरराज्यीय बस अड्डा) से मात्र 4 कि.मी. दूर वजीराबाद गांव से लगा हुआ है। पूर्वी दिल्ली के निवासी यहां भजनपुरा से होते हुए पहुंच सकते हैं, जबकि उत्तरी दिल्ली में रहने वाले बुराड़ी से होकर पहुंच सकते हैं। यह पार्क सोमवार से शनिवार खुला रहता है। इस पार्क में स्कूल की तरफ से भी जा सकते हो। इसके लिए अपनी मैडम से बात करो।

ये ध्यान रखना...
पार्क में पक्षियों के साथ कई खतरनाक जीव-जंतु हो सकते हैं, इसलिए नियमों की अनदेखी मत करना। शोर मत करना, क्योंकि इससे पक्षियों और जानवरों को परेशानी हो सकती है। ग्रुप में रहना और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना। गाइड की बातों को अगर  नोट करना चाहते हो तो पेन और कागज साथ लेकर जाना।

क्या है खास
पार्क में 1.8 कि.मी. लंबी नदी है, जो यमुना की विशेषता बताती है। इसमें मछलियों के अलावा पानी में रहने वाले अन्य जीव भी दिखाई देते हैं। इस नदी पर बना बांस का पुल एडवेंचर के साथ प्राकृतिक स्पर्श का एहसास कराता है। पार्क में हर्बल गार्डन के साथ ही विभिन्न फलों व उनकी प्रजातियों के बारे में जानकारी दी जाती है। इनके फायदों के साथ इनके नष्ट होने से क्या नुकसान हो रहा है, इसकी भी जानकारी यहां दी जाती है।

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  • Web Title:तितली और चिड़ियों के घर को देख आओ