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मुन्नों के एग्जाम टेंशन से मम्मियों को बीमारी

वाराणसी कार्यालय संवाददाता।

केस 1- दुर्गाकुण्ड की सरिता पाण्डेय का दमा का रोग पिछले तीन सालों से कंट्रोल था लेकिन अचानक उन्हें अस्थमा का अटैक आने लगा है। दवा और अन्य एहतियात बरतने के बावजूद अस्थमा का अटैक उनके लिए चिंता का विषय हो गया था। उन्होंने बीएचयू के टीबी एण्ड चेस्ट डिपार्टमेंट के डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उन्हें न बदलते मौसम के कारण एलर्जिक अस्थमा का अटैक हुआ है न बीमारी बढ़ रही है। बल्कि तनाव के कारण अस्थमा का अटैक आ रहा है। केस-2 माधोपुर की कंचन विश्वकर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्हें अस्थमा का अटैक आठ सालों बाद आया था। जिसे लेकर वे काफी परेशान थीं। मंडलीय अस्पताल में चेस्ट फिजीशियन को दिखाने पर पता चला कि स्ट्रेस के कारण उनके अस्थमा का स्तर बढ़ रहा है।

दोनों मरीजों के अचानक से तनाव बढ़ने से कुछ और नहीं उनके बच्चों के बोर्ड एग्जाम थे। जिसे लेकर वे दिन-रात चिंता में डूबी रह रहीं थीं। डॉक्टर ने जब केस हिस्ट्री ली और तनाव का कारण पूछा तो बात खुलकर सामने आई। बीएचयू टीबी एण्ड चेस्ट डिपार्टमेंट के डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि तनाव और चिड़चिड़ेपन के कारण यह बीमारी बहुत तेजी से असर करती है।

इस समय यहां की ओपीडी में आने वाली महिलाओं और 14-16 साल की छात्राओं पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। महिलाओं को बच्चों की परीक्षा का सबसे ज्यादा दबाव है तो छात्राओं को इम्तिहान की चिंता। दिमाग से है सीधा कनेक्शनडॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि अस्थमा साइकोसोमैटिक बीमारी होने के कारण तनाव और मानसिक परेशानियों से तेजी से बढ़ता है।

इसका सीधा जुड़ाव दिमाग से निकलने वाले केमिकल से है। जिससे घबराहट, बेचैनी और सांस लेने में परेशानी शुरू हो जाती है। मंडलीय अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसजे वर्मा का कहना है कि इस तरह की परेशानियों को ध्यान में रखकर ही अस्थमा के मरीजों को स्ट्रेस और चिंता करने से मना किया जाता है। मरीज जितना ज्यादा खुश रहते हैं उतना बीमारी पर कंट्रोल रहता है। कुछ ऐसा करें कि दूर हो जाए तनावदवाओं और एहतियात के साथ ही देर रात तक जागना बंद करेंहर वक्त बच्चों की पढ़ाई की सोच को कर दें कमकाम से समय निकालकर कुछ मनोरंजक कार्य भी करें, जैसे टीवी देखें, मैगजीन पढ़ेकसी भी तरह का तनाव होने पर उसे परिवार के साथ बैठकर बात करके तत्काल दूर करें, किसी बात को सोचते रहने से अस्थमा के साथ अन्य बीमारियां का भी खतरा है जैसा- डॉ. एसके अग्रवाल और डॉ. एसजे वर्मा ने बताया।

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  • Web Title:मुन्नों के एग्जाम टेंशन से मम्मियों को बीमारी