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ऑटो व टैक्सी यूनियन खोलेगी मोर्चा

सीएनजी के बढ़ते दाम अब आपके ऑटो व टैक्सी के किराये को भी बढ़ा सकते हैं। राजधानी में दौड़ रही ऑटो - टैक्सियों के मालिक सीएनजी के दामों की बढ़ोत्तरी से नाराज है और अब सरकार से किराये के दामों में बढ़ोत्तरी करने की सिफारिश करने जा रही है। यूनियन जल्द ही बढ़ती महंगाई, गैस के दामों में बढ़ोत्तरी व स्पेयर पार्टस के दामों में इजाफे के आधार पर किराया बढ़ाने की मांग करने की तैयारी कर रही है।

छात्रों के पेपर व होली के त्यौहार तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की जाएगी। इसके विरोध में दिल्ली की सभी यूनियन मिलकर इस निर्णय के खिलाफ 20 मार्च को राजघाट पर प्रदर्शन करेंगी। इस मामले में भारतीय प्राइवेट मजदूर महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने बताया कि नई दरें लागू होने से वर्तमान ऑटो किराये में कम से कम 2 रुपए और टैक्सी के किराये में 3 रुपए की बढ़ोत्तरी महसूस की जा रही है। तकनीकी कारणों से ऑटो का चालन महंगा हो रहा है और इस मांग पर 20 मार्च को सचिवालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।

क्या कहती है स्टडी
85 प्रतिशत लोग केवल 10 किलोमीटर तक की दूरी के लिए ऑटो से सफर करते हैं क्योंकि यह यात्रा का सबसे सस्ता मॉडल है।

ये पांच मांगे पूरी करवाना चाहती है यूनियन
-किराये में महंगाई दर के हिसाब से बढ़ोत्तरी हो
-अदालत के आदेशों के मुताबिक नए परमिट खोले जाए
-ट्रैफिक पुलिस के पास जमा राशि के लिए बोर्ड गठित हो
-चालकों को जारी होने वाली बैज की पॉलिसी बदली जाए


सीएनजी के दाम कब-कब बढ़े (रुपया प्रति किलो )
जून 2006: 1.20 रूपये
जून 2006: 0.30 (घटा) पैसे
जून 2009: 2.10 रूपये
नवंबर 2009: 0.20 पैसे
मार्च 2010: 0.50 पैसे
अप्रैल 2010: 0.20 पैसे
जून 2010 : 5.60 रुपए
अक्तूबर 2010 : 25 पैसे
जनवरी 2011 : 1. 25 रुपए
अप्रैल 2011 : 30 पैसे
जून 2011 : 50 पैसे
मार्च 2012 : 1.70
(नई कीमत-  35.45 रुपए)
(जून 2006 में 18 रुपए प्रति किलो था)

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