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नहीं रहे लालबहादुर शास्त्री को टक्कर देने वाले संड

शहर दक्षिणी से जनसंघ से विधायक रहे रामगोपाल संड का सोमवार को निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। उनकी अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके निवास कल्याणी देवी से निकलकर ककरहा घाट मीरापुर पहुंचेगी जहां उनका दाह संस्कार किया जाएगा।
 
 संड एजी ऑफिस में ऑडीटर थे। उसके बाद उन्होंने गर्वनमेंट प्रेस में नौकरी की। उनके कदम यहीं नहीं थमे और इसके बाद से वह अग्रसेन इंटर कॉलेज में अध्यापक हो गए थे। इसी दौरान उनका रुझान राजनीति में हुआ और वह वर्ष 1962 में तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी लाल बहादुर शास्त्री के खिलाफ चुनाव भी लड़े, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अगले चुनाव में वह वर्ष 1969 में जनसंघ के टिकट पर शहर दक्षिणी के विधायक बने और वर्ष 1974 तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद आपातकाल के दौरान वह 19 महीने तक जेल में भी रहे। वर्ष 1990 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से खुद को दूर कर लिया। अपने बड़े बेटे अतुल कुमार के निधन के बाद से संड अस्वस्थ रहने लगे थे। उनके एक बेटे आलोक संड नगर निगम में कार्यरत हैं तथा दूसरे आशुतोष संड हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं। उनके निधन पर शहर के प्रबुद्धजनों और प्रमुख लोगों ने शोक व्यक्त किया है।

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