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मंडी पहुंची ‘पकी फसल’ पर सियासी निगरानी

 मथुरा। निज संवाददाता।

विधानसभा चुनाव में उतरे उम्मीदवारों के साथ अजीब और गरीब स्थिति है। सुबह उनकी वोटों की पकी पकाई फसल मंडी में पहुंच गई। इनका ध्यान रखवाली करने पर पर भी है और समीकरण पर भी है। मजेदार है कि कई उम्मीदवारों को अभी से बधाई भी मिलने लगी हैं जबकि वोटरों की नजर वोटों की गिनती पर टिकी है। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के नतीजे का दिन जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे ही उनकी धड़कनें बढ़ रही है। उम्मीदवारों के यहां से वोटों का समीकरण लगने लगता है। उनके यहां जो भी समर्थक आता है वही अपने समीकरण सुनाकर उम्मीदवार को जीत का सपना दिखा जाता है। यहां तक कि उम्मीदवारों को अब तो विधायक बनने की बधाईयां भी मिलने लगी है।

अब बात मथुरा विधान सभा सीट को ही ले लीजिए। सुबह जब सपा उम्मीदवार डा. अशोक अग्रवाल अपने आवास से निकलते हैं वैसे ही उनके समर्थक विधायक बनने की बधाइयां एडवांस में देने लगते हैं। कोई उन्हें विधायकी की अग्रिम बधाई देता है तो कोई उन्हें मंत्री बनने तक की बात कहकर उनका हौसला बढ़ाता है। ऐसे में सपा उम्मीदवार भी मुस्कराकर समर्थकों का उत्साह बढ़ाते हैं। कहते हैं कि वह निश्चित तौर पर 30 हजार वोटों से जीत रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा के देवेन्द्र शर्मा को अभी से बधाइयां देने वालों की तादात बढ़ती जा रही है। वे जिधर जाते हैं भाजपा कार्यकर्ता उन्हें अभी से जीत का नतीजा बताकर उन्हें प्रसन्न करते दिखते हैं।

कमोवेश यही स्थिति कांग्रेस-रालोद से चुनाव मैदान में उतरे विधायक प्रदीप माथुर को लेकर नजर आती है। कांग्रेसी उनकी जीत तय बताकर उन्हें ही आगामी विधायक बताकर माथुर को खुश करने में लगे रहते हैं। ऐसे में किसका भाग्य चमकेगा और किसका नहीं यह तो समय ही बताएगा मगर चुनाव नतीजे आने से पहले ही कई उम्मीदवारों को अभी से जीत की बधाईयं मिलने लगी है। समर्थकों के संग मंडी का भ्रमण मथुरा। वोटिंग मशीनों में बंद उनकी किस्मत मंडी में उनके लिए तो पकी पकाई फसल की तरह ही है। इसलिए उम्मीदवार अपनी फसल की रखवाली के लिए मंडी परिसर जाना नहीं भूलते। हालांकि मंडी स्थल पर पैरा मिलिट्री फोर्स का कड़ा पहरा है।

इसके बाद भी उम्मीदवार और उनके समर्थक मंडी आते जाते हैं। इनके अलावा अधिकारी भी मंडी स्थल का जायजा लेने के लिए रोजाना जाते हैं। अधिकारी कहते हैं कि नियमित भ्रमण करना उनकी जिम्मेदारी है जबकि वोटिंग मशीनों की सुरक्षा को देखने के लिए राउण्ड ओ क्लॉक व्यवस्था के तहत मजिस्ट्रेट भी भ्रमण करते हैं।

एक्जिट पोल से कोई खुश तो कोई चुप

विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद मीडिया में आ रहे प्रदेश विधानसभा की सीटों को लेकर आ रहे रुझान और एक्जिट पोल ने जहां समाजवादी पार्टी के चेहरे पर मुस्कान ला दी है तो वहीं बसपा खेमे में चुप्पी ला दी है। वहीं भाजपा और कांग्रेस-रालोद फिलहाल बीच की स्थिति में होने से खामोश नजर आ रहे हैं। सपा के नेता तो खुलकर कह रहे हैं कि हम पहले से ही कहते आ रहे हैं कि चुनाव बदलाव का है और नतीजे सपा के पक्ष में आ रहे हैं। सपाई इससे आगे बढ़कर यह भी कहते हैं कि सर्वे साफ कर रहे हैं कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने जा रही है। अब तो चुनाव नतीजे सामने आ जाएं बस इसका इंतजार है।

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