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एनएच-24 पर अंडरपास बनेंगे या ओवरपास

 नोएडा। महकार सिंह।

 

लाल कुंआ से यूपी बॉर्डर के बीच लगने वाले रोज के जाम से निजात दिलाने के लिए अंडर या ओवर पास बनेंगे। इनकी तादाद और स्थान लगभग तय हो चुके हैं। कुल सात में से कितने अंडरपास होंगे या ओवरपास। भविष्य में 14 लेन के होने जा रहे एनएच 24 को देखते हुए इनका मॉडल क्या होगा या फिर कुछ स्थान में भी परिवर्तन की जरूरत है। इसका आंकलन करने के लिए अथॉरिटी कंसलटेंट की नियुक्ति करेगी। नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस माह के अंत तक टेंडर जारी हो सकते हैं। एनएच-24 के जाम से सबसे ज्यादा गाजियाबाद और नोएडा के लोग प्रभावित होते हैं। लिहाजा एनएचएआई के साथ मिलकर नोएडा विकास प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की एनएच-24 पर अंडरपास बनाने की योजना है। लाल कुंआ के पास ग्रेटर नोएडा के लोग भी जाम में फंसते हैं, लिहाजा ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण भी योजना में शामिल हो गया है।

सब प्राधिकरणों के बीच इस मार्ग पर कुल सात अंडरपास बनाने की सहमति हुई है। मोटे तौर पर जगह भी तय हो गई है। पर भविष्य में एनएच-24 भविष्य में 14 लेन का होना है। इसके मद्देनजर कितने अंडरपास हों और कितने ओवर पास। साथ ही वर्तमान स्थान भविष्य के लिहाज से फिट या जगह में बदलाव की जरूरत है।

इसका अध्ययन करने के लिए नोएडा अथॉरिटी एक कंसलटेंट की नियुक्ति करने जा रही है। चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर संतराम सिंह ने बताया कि जल्द ही नियुक्ति के लिए सीईओ की अनुमति ले ली जाएगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए। कंसलटेंट की राय जीडीए और एनएचएआई को भेजी जाएगी।

------यहां हैं प्रस्तावित अंडरपास या ओवरपास-यूपी गेट के पास-एनआईबी पुलिस चौकी के पास-मॉडल टाउन पुलिस चौकी के पास-सीआईएसएफ टी प्वाइंट के पास-छिजारसी कट के पास-विजय नगर टी प्वाइंट के पास-एबीईएस कॉलेज के पास

----------------कहां फंसते हैं जाम मेंएनएच-24 के छिजारसी गांव पर सुबह-शाम लंबा जाम लगता है। सुबह के साढ़े आठ बजे से ही दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन फंसने लगते हैं। 15 से 20 मिनट में हिंडन पुल और इस कट की लाल बत्ती पार होती है। फिर सीआईएसएफ कट से मॉडल टाउन तक रेंगते हुए वाहन गुजरते हैं।

आमतौर पर सात से दस मिनट तक यहां वाहन फंसते हैं। फिर एनआईबी पुलिस चौकी और यूपी बार्डर पर भी पांच से सात मिनट का जाम वाहन चालक ङोलते हैं। लौटते में भी कमोबेश यही स्थिति रहती है।

सीआईएसएफ कट पर लेफ्ट टर्न भी नहीं दे सका राहतजीडीए ने बायीं ओर जाने वाले वाहन चालकों को जाम से बचाने के लिए दोनों ओर सीआईएसएफ का लेफ्ट टर्न चौड़ा किया था। मगर लोगों में सिविक सेंस की कमी के चलते लेफ्ट टर्न पर भी सीधे या दाये दिशा में जाने वाले खड़े रहते हैं।

जिससे लोगों को अपेक्षा के मुताबिक राहत नहीं मिल पा रही है। सीआईएसएफ की रोड कट के पास तीन लेन की है। जबकि एनएच 24 टू लेन ही है। गाजियाबाद की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव अलग से रहता है। जिससे सबसे ज्यादा जाम सीआईएसएफ के पास ही लगता है। फैक्ट फाइल-1.25 लाख से ज्यादा वाहन रोजाना गुजरते हैं एनएच 24 से। -30 से 40 मिनट का औसतन जाम ङोलते हैं गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्राी।-फोर्टिस हॉस्पिटल तक जाम लग जाता है मॉडल टाउन पर वाहनों के फंसने। -14 लेन तक चौड़ा होना है एनएच-24।

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