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दहशत में हैं ओल्ड गुड़गांव वासी

दीवारों पर लंबी दरारें व हवेलियों से गिरता हुआ मलबा ओल्ड गुड़गांव में दहशत की वजह बन गया है। ओल्ड गुड़गांव के बड़े बाजार व बारा बिस्वा में करीब 20 घरों में दरारें पड़ गई हैं। यही नही इलाके में मौजूद पुरानी जजर्र हवेलियां भी हादसे को दावत दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इसकी वजह सीवरेज लाइन व वाटर सप्लाई लाइन से लंबे समय से हो रही लीकेज है।

स्थानीय निवासी देवेंद्र कुमार रोहिल्ला ने बताया कि हल्की दरारें तो लंबे समय से पड़ी हैं लेकिन पिछले 15 दिनों में कई घरों की दीवारें फट गई हैं। मूलचंद ने बताया कि पुरानी जजर्र हवेलियों से गिरता मलबा बहुत बड़ा खतरा बन गया है। हवेलियों के स्वामी अब सेक्टरों में आलीशान भवनों में रहते हैं। पुरानी हवेलियों की लंबे समय से मरम्मत न होने की वजह से हालात चिंताजनक हो गए हैं। वीरभान ने बताया कि दशक भर पहले टूट कर गिरे मलबे के चलते एक युवक की जान भी चली गई थी। पानी की लीकेज के चलते दरारें बढ़ने से स्थिति गंभीर हो चुकी है। सरकारी अमलों की अनदेखी दोबारा जानलेवा साबित हो सकती है। मनमोहन ने बताया कि हाल ही में सीवर की मरम्मत के नाम पर अधिकारियों ने कामचलाऊ काम किया। हालांकि पानी की पाइप लाईन की लीकेज फिर भी जारी रही। स्थानीय निवासियों ने मिलकर खुदाई भी करवाई ताकि लीकेज का सही पता चल सके। नए सिरे से लाइन बिछाए बगैर यह समस्या खत्म होना मुश्किल है। प्रशासन को पुरानी हवेलियों को लेकर भी सोचना चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग व प्रशासन की पहल से कोई हल निकल सकता है।

बच्चाों के खेलने पर भी है मनाही- स्थानीय निवासी शकुंतला ने बताया कि दशक भर पहले छज्जे का मलबा गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी। पिछले 15-20 दिनों में तेजी से बढ़ी दरारों के चलते अब अभिभावक अपने बच्चाों की पुरानी हवेलियों के आसपास खेलने भी नहीं देते। कुछ दिन पहले ही जजर्र हवेली का एक हिस्सा गिर गया था। क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर दहशत है।

मकान छोड़ गए किराएदार- पुरानी हवेलियों की उनके मालिक तो कोई सुध नहीं ले रहे। अब किराएदारों ने भी किनारा कर लिया है। स्थानीय निवासी हरबंस ने बताया कि हवेलियों के मालिक अब सेक्टरों में रहते हैं। पहले ही हवेलियां जजर्र थीं। अब पानी की लीकेज के चलते खतरा काफी बढ़ गया है। इसे देखते हुए हवेलियों में रहने वाले किराएदार भी छोड़कर जाने लगे हैं।

क्या कहना है अधिकारियों को-  पीएचईडी के एक्सईएन प्रदीप कुमार का कहना है कि वाटर सप्लाई की लाईन की चेकिंग कर ली गई है। यह पूरी तरह दुरुस्त है। पुरानी हवेलियों और मकानों में दरारों की वजह कुछ समय पहले आए भूकंप के हल्के झटके भी हो सकते हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज लाईन से हो रही लीकेज को दूर कर लिया गया है। अब पानी का रिसाव बंद हो चुका है।


क्या कहना है पार्षद का- पार्षद सुनीता कटारिया का कहना है कि पेंच निगम व पीएचईडी के बीच उलझा हुआ है। हमने दोनों ही विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र का दौरा करा समस्या की जानकारी दी है। सरकारी अमलों के साथ ही हवेलियों के निजी स्वामियों को भी मामले को गंभीरता से लेना होगा।

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