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पक्ष-विपक्ष में बनी सहमति, प्रश्न काल बाधित नहीं करेंगे

रांची, ब्यूरो प्रमुख। विधानसभा का बजट सत्र पांच मार्च से शुरू हो रहा है। सत्र की तैयारी शुरू हो गयी है। इस सिलसिले में शुकवार को विधानसभा में बैठकों का सिलसिला चलता रहा। दोपहर दो बजे सर्वदलीय बैठक हुई। साढ़े तीन बजे आला अधिकारियों के साथ स्पीकर ने बैठक की। फिर शाम पांच बजे पत्रकार सलाहकार समिति के साथ बैठक कर सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए स्पीकर ने सुझाव मांगा।

सदन में जब सरकार के मंत्री सदस्यों के सवालों के सही-सही जवाब देंगे, तो विपक्ष हंगामा क्यों करेगा? विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह को अपनी ओर से यह आश्वस्त किया। विपक्ष की यह शिकायत थी कि सदन में मंत्री सवालों का ठोस जवाब नहीं देते हैं।

स्पीकर ने सरकार की ओर से यह आश्वस्त किया कि मंत्री तैयारी के साथ सदन में आएं और सदस्यों के सवालों का संतोषजनक जवाब दें। उन्होंने सभी सदस्यों से यह आग्रह किया कि वे प्रश्नकाल को बाधित न करें। दिन के 11 से 12 बजे का समय प्रश्नकाल के लिए निर्धारित होता है।

यह समय जनता का होता है। इसलिए सदस्यों को कार्यस्थगन प्रस्ताव लाना भी हो, तो वे प्रश्नकाल समाप्ति के बाद अपना प्रस्ताव ला सकते हैं। कार्यस्थगन देने के नाम पर प्रश्नकाल में हंगामा न करें। बजट सत्र 18 दिनों का है। उसका भरपूर उपयोग करेंगे।

स्पीकर के आग्रह पर दोनों पक्ष के सदस्यों ने प्रश्नकाल बाधित न करने का भरोसा दिलाया है। विपक्ष ने बैठक में सदन में पटल पर रखे जाने के पूर्व बजट लीक नहीं होने की बात उठायी। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में बजट सत्र के सुचारु रूप से संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी थी।

पिछले सत्र से स्पीकर ने यह परंपरा शुरू की है। कौन-कौन थे बैठक में : मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, डिप्टी सीएम हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री हेमलाल मुर्मू, सहाय एवं पुनर्वास मंत्री राजा पीटर, भवन निर्माण मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह, राजद विधायक दल नेता अन्नपूर्णा देवी, झाविमो विधायक दलउपनेता अरविन्द कुमार सिंह, माले विधायक विनोद कुमार सिंह, विधायक बंधु तिर्की और मासस विधायक अरूप चटर्जी।

शून्यकाल के 150 मामलों में से 130 के जवाब मिलेरांची। पिछले शीत सत्र में सदस्यों ने शून्यकाल के 150 मामले सदन में रखे थे। संसदीय कार्य विभाग के प्रधान सचिव ने स्पीकर को जानकारी दी कि इनमें से 130 के जवाब मिल गए हैं।

शेष 20 शून्यकाल के भी जवाब आएंगे, जिन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा। स्पीकर ने अधिकारियों से कहा है कि विधेयक एक सप्ताह पहले विधानसभा को मिलना चाहिए। सवालों के जवाब भी हर दिन शाम पांच तक मिल जाना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव एसके चौधरी, डीजीपी जीएस रथ, कार्मिक सचिव आदित्य स्वरूप, वित्त सचिव सुखदेव सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

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