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भास्कराचार्य दर्शन ग्रंथ

प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ-ज्योतिषी भास्कराचार्य के गणितीय अवदान का समूचा आकलन अपने आप में तत्कालीन भारतीय समाज को ही समझने जैसा है। भास्कराचार्य लोक से विमुख नहीं, बल्कि उससे गहराई से जुड़े हुए व्यक्ति थे। स्वर्गीय गुणाकर मुले ने अपनी साढ़े चार दशक पहले प्रकाशित छोटी पुस्तक ‘भास्कराचार्य’ को कई नवीन जानकारियों के साथ समेट कर वृहदाकार रूप में प्रकाशित कराया था। पुस्तक में अगर भास्कराचार्य के जीवन-दर्शन से जुड़ी सरल जानकारी है तो उनके सिद्धांत-शिरोमणि गणित ग्रंथों ‘लीलावती’ और ‘बीजगणित’ की गहरी तकनीकी जानकारी मौजूद है। पुस्तक आम पाठकों और गणित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए एक समान उपयोगी है।
भास्कराचार्य, लेखक: गुणाकर मुले, प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली-2, मूल्य: 395 रु.

भोपाल का सच
भोपाल गैस त्रासदी का सच पूरी दुनिया को मालूम है। इस पर रिपोर्ताज और गल्प के क्षेत्र में कलम भी खूब चलाई गई है। प्रस्तुत उपन्यास भी इसी सूची में अपनी बात साफगोई से रखता है। खास बात यह है कि इसमें लेखक नरेंद्र नागदेव ने घटनाओं को लगभग उसी श्रृंखला में पिरोने का प्रयास किया है, जैसी वह 1984 की सर्दियों की उस रात को घटी थीं। उपन्यास के शीर्षक और कथानक में रहस्यात्मकता का बोध मिलता है और यह समूची कथा में बना रहता है। लेखक ने कथा के दायरे में देश से बाहर के पात्रों और घटनाक्रमों को भी समेटा है, जिससे उसका फलक अधिक व्यापक बन पड़ा है। कथा अपने आप में बेहद मर्मस्पर्शी और संवेदनात्मक शैली से भरपूर है।
एक स्विच था भोपाल में, लेखक: नरेंद्र नागदेव, प्रकाशक: किताबघर प्रकाशन, नई दिल्ली-2, मूल्य: 215 रु.

महिला अधिकारों की बात
अंग्रेजी में कानून की शब्दावली को समझना खासा जटिल रहता है। यह एक बहुत बड़ी वजह है कि कानून की सरल धाराओं के बारे में भी अधकचरी जानकारी ही जनता-जनार्दन को होती है, जिस कारण कुछ बहुत बुनियादी जानकारियों से वह अनजान रहते हैं। ऐसे में कानून को सरल हिन्दी में आमजन तक पहुंचाने का प्रस्तुत कार्य बहुत गहरे तक समाज में पहुंचने की क्षमता रखता है। पुस्तक महिला अधिकारों से जुड़े भारतीय कानूनों को सविस्तार समझाती है और साथ ही महिला अधिकारों से जुड़े कुछ दृष्टांत भी पुस्तक में दिए गए हैं। मौजूदा परिदृश्य में जहां महिला अधिकारों से जुड़े कानूनों पर मुबाहिसा नया रूप लेता नजर आ रहा है, पुस्तक विशिष्ट स्थान रखती है।
महिलाओं के अधिकार, प्रकाशक: सुधाली प्रकाशन, 2ई/4, झंडेवालान एक्स., नई दिल्ली-55, मूल्य: 200 रु.

स्टीव जॉब्स की जीवनगाथा
एप्पल के संस्थापक और तकनीक के महारथी स्टीव जॉब्स का नाम उनकी अनेकानेक तकनीकी देन के बाद इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो चुका है। कुछ समय पूर्व उनके निधन के बाद दुनिया भर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी। उनका नाम थॉमस एडिसन और बिल गेट्स की श्रेणी में शामिल किया गया। प्रस्तुत पुस्तक में स्टीव जॉब्स के जीवन और कार्य के बारे में खासी जानकारी दी गई है। स्टीव जॉब्स का शुरुआती जीवन कितना संघर्षमय रहा और उस संघर्ष से उन्हें किस तरह प्रेरणा मिली, की जानकारी बहुत रोचक है। जॉब्स के भारत प्रवास ने भी उनकी निर्मिति में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके बाद के किंवदंतीय रूप के पीछे की कहानी समझ पाना कठिन नहीं है।
स्टीव जॉब्स, एक महान कर्मयोगी, लेखक: विपुल विनोद, प्रकाशक: हिन्द पॉकेट बुक्स, नई दिल्ली-3, मूल्य: 99 रु.
संदीप जोशी

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  • Web Title:भास्कराचार्य दर्शन ग्रंथ