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50 हजार रुपए का इनामी बावरिया गिरोह का सरगना ढेर

उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में मुठभेड के दौरान बावरिया गिरोह के सरगना राहुल उर्फ कलुआ उर्फ लड्डा उर्फ गिरधारी बावरिया को कल रात मार गिराया। 
 

बावरिया गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मुठभेड के दौरान एसटीएफ का एक उप निरीक्षक और एक सिपाही घायल हो गया।

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) सुबेश कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली कि बावरिया गिरोह का सरगना अपने साथियों के साथ कल्याणपुर इलाके में किसी बडी घटना को अंजाम देने के लिए बारा सिरोही नहर पटरी से गुजरने वाला है।
 
सिंह ने बताया कि सूचना के अनुसार एसटीएफ टीम पोजीशन लेकर गिरोह के लोगों का इंतजार करने लगी। रात करीब 12 बजे मोटरसायकिल पर दो व्यक्ति आते दिखाई दिए। उन्हें जांच के लिए रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने एसटीएफ टीम पर गोलीबारी शुरु कर दी।

उन्होंने बताया कि एसटीएफ द्वारा जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश मारा गया जबकि उसका साथी भागने में सफल रहा। मारे गए बदमाश की शिनाख्त भरतपुर (राजस्थान) जिले के डीघ क्षेत्र के घिरवारी गांव निवासी कुख्यात अपराधी राहुल बावरिया के रुप में हुई।

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में एसटीएफ के उपनिरीक्षक सुनील कुमार और सिपाही मिथिलेश झा घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
 
सिंह के अनुसार बदमाश के पास से अवैध हथियार और बडी संख्या मे कारतूस मिले। उसके खिलाफ हत्या एवं लूट आदि के नौ संगीन मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर राज्य पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

उन्होंने बताया कि इस अपराधी ने अपने साथियों के साथ 28 फरवरी 2009 को फतेहुपर जिले के कस्बा चांदपुर में सर्राफ सियाराम के घर में घुसकर उसकी पत्नी मुन्नी देवी और पुत्र वेद प्रकाश की हत्या कर दी थी और लाखों रुपए के जेवरात लूटकर भाग गया था। इसके बाद 17जुलाई 2009 को उसने हमीरपुर जिले के जरिया क्षेत्र में राजा बाबू नामक व्यक्ति और उसके एक साल के पुत्र की हत्या करके पांच को घायल कर
दिया था।

सिंह ने बताया कि इस गिरोह के बदमाश 18 नवम्बर 2010 को हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में सर्राफ व्यवसाई संतोष कुमार के घर में घुसकर परिजनों को गंभीर रुप से घायल करके लाखों रुपए के जेवरात लूटकर भाग गए थे। इसके बाद वे 28 मई 2011 को जालौन जिले के कालपी में सर्राफ व्यवसाई राम कृष्ण गुप्ता के घर में घुसकर उसकी हत्या करके लाखों रुपए के जेवरात लूटकर भाग गए थे।

गौरतलब है कि राहुल बावरिया गिरोह ने अधिकतर आभूषण व्यापारियों को अपना शिकार बनाया। यह गिरोह रात के समय बर्बर तरीके से हत्या और लूटपाट को अंजाम देता है। आमतौर पर यह गिरोह घटना के बाद स्थान बदल देता है।

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