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रंग बरसे, भीगे सितारे

पिचकारी तन चुकी है। थाली भी सज चुकी है। बात हो रही है टीवी के सितारों की, जो जम कर होली खेलने की फिराक में हैं। आइए जानें कि होली के लिए किसने क्या तैयारी कर रखी है।

छोटे पर्दे के सितारों के मन में त्योहारों को लेकर एक अलग ही उत्साह होता है, जिसके लिए त्योहार आने से महीने भर पहले से उसे मनाने की प्लानिंग शुरू हो जाती है। ऐसे में जब काम आ जाता है तो कई बार उन्हें अपने साथियों के साथ ही त्योहार मनाना पड़ता है, जिसका अपना एक अलग मजा होता है। छोटे पर्दे के सितारों के साथ ऐसा अकसर होता है, क्योंकि हर दिन आने वाले शो के लिए उन्हें लगभग हर दिन शूट करना पड़ता है। पर कुछ ऐसे सितारे भी हैं, जो ऐसे मौके का मजा अपने परिवार के साथ लेना चाहते हैं। आइए जानते हैं कि इस बार छोटे पर्दे के सितारे रंगों का ये त्योहार कैसे मना रहे हैं।

विशाल मल्होत्रा (डॉक्टर रंगनाथ, कुछ तो लोग कहेंगे): इस बार की होली मैं अपनी पत्नी फैमिली और दोस्तों के साथ घर पर मनाऊंगा। इस बार सूखी होली खेलने का प्लान है। दरअसल हमारे देश में कई जगहों पर पानी की समस्या है, इसलिए मैं पानी को बचाने की कोशिश कर रहा हूं। अगर यादगार होली की बात करें तो साल 2011 की होली मेरे लिए बहुत ही खास थी। शादी के बाद वो मेरी पहली होली थी और बहुत ही खूबसूरत थी।

रिद्धि ( प्रिया, मर्यादा): मुझे होली का त्योहार बहुत पसंद है और ये सोच कर और भी खुशी हो रही है कि यह त्योहार बहुत करीब है। अगर सारे त्योहारों की लिस्ट बनाई जाए तो मेरे लिए रंगों का यह त्योहार नंबर एक पर रहेगा। इसके रंगों के साथ बचपन की ढेरों यादें जुड़ी हुई हैं। जब मैं छोटी थी तो अपने दोस्तों के साथ मिल कर महीनों पहले से ही रंग इकट्ठा करने लगती थी, ताकि होली पर सबको लगा सकूं। इस बार की होली मेरे लिए बहुत ही स्पेशल है, क्योंकि शादी के बाद ये मेरी पहली होली है, जो मैं अपने पति के साथ मनाऊंगी। इस बार की होली मेरे लिए धमाल होगी। होली के दिन का मुझे बेसब्री से इंतजार है।

इवा ग्रोवर: मैं हर साल घर पर भगवान की पूजा के साथ इस दिन की शुरुआत करती हूं। मुझे यह त्योहार तो बहुत पसंद है, लेकिन बुरी तरह होली खेलना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। अपनी बेटी के लिए मैं सीढ़ियों तक आती हूं और सादे पानी से होली खेलती हूं। पक्के रंगों से होली खेलने से मुझे परहेज है। कई बार ये रंग लग जाते हैं तो इन्हें छुड़ाने में हफ्ते गुजर जाते हैं। बस इस बार भी ऐसे ही होली खेलूंगी और साथ में होगी ढेर सारी मिठाइयां । दरअसल मेरे लिए त्योहार का मतलब होता है अपने परिवार के साथ क्वालिटी समय बिताना और हर उस पल को एन्ज्वॉय करना।

अनिरुद्ध (इंदू सिंह, रुक जाना नहीं):  रंगों का त्योहार कहे जाने वाले त्योहार होली का मैं बहुत बड़ा फैन हूं। दरअसल इस दिन ढेर सारी मस्ती करने को मिलती है। बचपन में हम बच्चों की तैयारी बहुत पहले से शुरू हो जाती थी। हफ्ते भर पहले से ही वॉटरगन लेकर घूमने लगता था कि बस कोई मिले और मैं उसके ऊपर रंग डाल दूं। मुझे याद है, एक बार मेरे पड़ोसी ने नई कार खरीदी थी और मैंने उस पर रंग डाल कर उसे खराब कर दिया था। तब मुझे उसकी तकलीफ समझ में नहीं आई थी। पर इस बार मैंने अपनी कार ली है और ये सोच कर भी बुरा लगता है कि होली के बाद उसकी साफ-सफाई करवानी पड़ेगी। होली हमेशा की तरह इस बार भी पूरे उत्साह और गर्मजोशी के साथ मनाऊंगा। बस नुकसान करने वाले रंगों की जगह इस बार ऑर्गेनिक और सूखे रंगों का इस्तेमाल करूंगा।

रूपाली गांगुली (पिंकी, परवरिश): यह त्योहार मेरा फेवरेट है। आप कह सकती हैं कि मुझे इस त्योहार से प्यार है। मैं इस दिन बहुत ही वाइल्ड हो जाती हूं और टमाटर, अंडे से लेकर रंगों तक सभी से अपने परिवार और दोस्तों के साथ होली खेलती हूं। एक बार होली के समय बहुत बुखार था, फिर भी मैंने होली खेली थी, मगर थोड़े से पानी के साथ। उसके अलावा भांग वाले लड्डू भी खा लिए थे। ये एक ऐसा त्योहार है, जिसके लिए मैं पहले से कोई प्लान नहीं करती। बस होली के दिन का इंतजार करती हूं और खूब मस्ती करती हूं। हां, इस बात का ध्यान रखती हूं कि इससे किसी को परेशानी ना हो।

गुरमीत चौधरी: होली का त्योहार ऐसा है, जो सभी के लिए खास है और इसलिए मेरे लिए भी बहुत स्पेशल है। इस बार की होली तो मेरे और देबिना दोनों के लिए ही बहुत स्पेशल है। दरअसल शादी के बाद ये हमारी पहली होली है। हमने म्हाडा में एक बंगला बुक किया है और इस बार की होली वहीं मनेगी। सारे दोस्त वहीं इकट्ठा होंगे। खाने-पीने से लेकर डीजे तक वहां पर सारा इंतजाम है। वैसे बता दूं, वहां पर ठंडाई का भी इंतजाम है। बस होली के दिन का इंतजार है।

विवेक मु़शरान (लकी, परवरिश): हर बार की तरह इस बार भी होली का इंतजार है। ये एक ऐसा त्योहार है, जब हम सब कई रंगों में रंग कर एक जैसे हो जाते हैं और सबकी एक ही पहचान हो जाती है। जहां तक सेलिब्रेशन की बात है, मुझे पानी वेस्ट करना अच्छा नहीं लगता, इसलिए मैं घर पर सूखी होली खेलूंगा और साथ में होगा फैमिली और दोस्तों के साथ एक अच्छा-सा लंच।

शालीन (रनवीर, सजदा तेरे प्यार में): बचपन से ही होली के त्योहार का हम सभी बच्चों बेसब्री से इंतजार करते थे, क्योंकि इस दिन ढेर सारे अच्छे पकवानों के साथ खूब सारी मस्ती करने को मिलती थी। मस्ती तो मैं अभी भी खूब करता हूं, लेकिन हां मिठाइयां जरा कम हो गई हैं। मैं पार्टी पर्सन नहीं हूं। इस बार की होली में मैं अपनी पत्नी और कुछ खास दोस्तों के साथ मस्ती करूंगा। दरअसल मेरा ज्यादातर समय शूटिंग में जाता है, जिसके चलते अपनी फैमिली और दोस्तों को समय नहीं दे पाता। ऐसे में ये त्योहार ही ऐसे मौके होते हैं, जब सब एक साथ इकट्ठे होते हैं और फिर खूब सारी मस्ती करते हैं।

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