DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चटपटी मिलावट

ढाबों और होटलों में बिना सॉस हम ब्रेड, समोसे, पकौड़े वगैरह नहीं लेते। स्वाद भी चटपटा हो जाता है। पर हम नहीं जानते कि जो सॉस हम चटखारे लेकर खा रहे हैं, वह कैसे बनी है, उसमें नुकसान पहुंचाने वाली चीजें तो नहीं मिली हुई हैं वगैरह।

जरूरी नहीं कि ब्रांडेड चीजें ही खाई-खिलाई जाएं लेकिन हर दुकानदार से यह उम्मीद तो की ही जाती है कि वह मुनाफे के चक्कर में ऐसी सस्ती चीजें तो नहीं परोसेगा जो हमें बीमार कर दे। वैसे, ऐसी चीजें धड़ल्ले से बिक रही हैं तो यह उन अफसरों-कर्मचारियों के कामों पर भी सवाल है जिन पर मिलावट वाली चीजें बिकने से रोकने का दायित्व है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:चटपटी मिलावट