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मानसिक रूप से विक्षिप्त था पार्षद जीतवाहन

रामपुर के ग्रामीणों ने बताया कि भंडरा प्रखंड के चेरिमा निवासी नारायण उरांव की पुत्री सरस्वती का विवाह लगभग सात साल पूर्व जीतवाहन से हुआ था। पिछले कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पंचायत चुनाव में उसके विरुद्ध किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था। इसी वजह से उसे निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था।

चुनाव के समय ही जीतवाहन ने मुखिया प्रत्याशी श्वेता मिंज पर तेज धारदार हथियार से प्रहार किया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाद में ग्रामीणों और परिजनों ने उसे पकड़कर मानसिक चिकित्सालय कांके में भर्ती कराया था। तीन महीने से इलाज चलने के बाद उसे छुट्टी दी गई थी। वह सामान्य रूप से रह रहा था।

कल की घटना के वक्त घर में जीतवाहन, सरस्वती और उनके दोनों पुत्रियां शालिनी, प्रियंका और दो वर्षीय पुत्र थे। मां लेथवा थी। पिता लखवा उरांव और भाई जीतराम उरांव मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भकसो और कुड़ जामुनटोली गये हुए थे।

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