DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नए लुक में आएगी विश्वविद्यालय की डिग्री

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मौजूदा और पूर्व विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर या डॉक्ट्रेट करने के बाद जब वे परिसर से बाहर एक नई दुनिया में खुद को आजमाने निकलेंगे तो हाथ में पहले से ज्यादा आकर्षक और फर्जीवाड़े की आशंकाओं से पूरी तरह सुरक्षित डिग्री होगी।


विश्वविद्यालय की स्थापना से चली आ रही हाथ से लिखी डिग्री पूरी तरह से अलविदा होने को है। डिग्री चाहे जिस साल की हो अगले साल से कम्प्यूटराइज ही मिलेगी। कुलपति ने चार महीने पहले उपाधि प्रारूप समिति गठित कर नई डिग्री को डिजाइन करने का जिम्मा उसे सौंपा था। गुरुवार की शाम प्रशासनिक भवन में इस समिति की बैठक हुई।

 बैठक में डिग्री की डिजाइन और उसके चेक प्वाइंट्स पर विचार किया गया। डिग्री की डिजाइनिंग में जुटे ललित कला विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नई डिग्री के मूर्त रूप लेने में दो से चार महीने का वक्त लग सकता है। इसके बाद परीक्षा समिति, एकेडमिक कौंसिल और कार्यपरिषद में इसपर विचार होगा।

गोपनीय कोड या मार्क
जैसे करेंसी नोट पर बने कुछ गोपनीय कोड या मार्क से नोट के असली-नकली होने का पता लगाया जा सकता है ठीक वैसे ही नई डिग्री में कुछ गोपनीय कोड या मार्क दिए जाएंगे, जिन्हें देखकर पता लगाया जा सकेगा कि डिग्री असली है या नकली।
--------------
कम्प्यूटराइज्ड डिग्री ही मिलेगी
विश्वविद्यालय में वर्ष 2008 से कम्प्यूटराइज डिग्री मिलने लगी। लेकिन अब भी हाथ से लिखी डिग्री का चलन पूरी तरह बंद नहीं हुआ। नई डिग्री का प्रारूप बन जाने के बाद हाथ से लिखी डिग्री पूरी तरह अलविदा हो जाएगी।

एक क्लिक पर मिलेगी सारी जानकारी
डिग्री की सभी जानकारी ऑनलाइन होगी। इससे किसी शिकायत की स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन एक क्लिक में पता लगा सकेगा कि छात्र ने कबसे कब तक पढ़ाई की, कब डिग्री ली और डिग्री असली है या नकली।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नए लुक में आएगी विश्वविद्यालय की डिग्री