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सीबीएसई स्टूडेंट्स समझ सकेंगे जर्नलिज्म को

मीडिया के बढ़ते प्रभाव और स्टूडेंट्स के लिए इसमें मौजूद कॅरिअर विकल्पों को देखते हुए सीबीएसई नए सत्र से अपने सभी संबद्ध स्कूलों को पत्रकारिता को बतौर इलेक्टिव सब्जेक्ट उपलब्ध करवाएगा। स्टूडेंट्स इसे सीनियर सेकेंड्री स्तर पर पढ़ सकेंगे। बोर्ड ने इसके लिए स्कूलों से आवेदन मांगे हैं।


सीबीएसई के निदेशक विनीत जोशी की ओर से स्कूलों को जारी सूचना के अनुसार बीते सत्र में ‘मास मीडिया स्टडीज’ नाम से पत्रकारिता के इस विषय को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ स्कूलों को उपलब्ध करवाया गया था। यहां मिली सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए अब सत्र 2012-13 में इसे सभी स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जोशी के अनुसार अप्रैल से अपने यहां शुरू करना चाह रहे स्कूलों को जल्द ही ऑनलाइन आवेदन कर देना होगा। दूसरी ओर कोर्स को शुरू करने के लिए बोर्ड ने कुछ न्यूनतम साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की शर्त स्कूलों के सामने रखी है। वहीं इस पाठ्यक्रम में शामिल स्टूडेंट्स को कुछ सप्ताह की मीडिया ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी।

पत्रकारिता के लिए स्कूलों को चाहिए होगा
- हर पांच स्टूडेंट्स पर एक कंप्यूटर।
- विभिन्न सॉफ्टवेयर्स, प्रोजेक्टर्स और स्क्रीनिंग-रूम।
- हर 10 स्टूडेंट पर एक कैमरा या हैंडी कैम।
- मास-कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री हासिल किया शिक्षक।

स्टूडेंट्स को यह होगा फायदा
- फिल्म, टीवी, प्रिंट, रेडियो, इंटरनेट और अन्य मीडिया की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी होगी।
- किस तरह मास मीडिया विचारों को तैयार करने, लोकमत बनाने, विजन व विश्लेषण आदि करने का काम करता है, इसकी समझ विकसित होगी।
- फिल्म, टेलिविजन कार्यक्रम, अखबार, रेडियो आदि में तकनीकी कार्य कैसे होता है, इस प्रक्रिया को स्टूडेंट्स समझोंगे।
- मीडिया व एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कॅरिअर विकल्पों के बारे में जानेंगे।

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