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मिलावट खोरों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर

मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर शिकंजा कसते हुए इनके खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करा दिए गए हैं। लखनऊ से स्वीकृति मिलने के बाद अफसरों ने यह कार्रवाई की। पिछले दिनों डीएम के निर्देश पर जनपद भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इसमें दो दजर्न से अधिक सैंपल भरे गए थे।

मसानी क्षेत्र से कृष्णा ब्रांड का देसी घी का,महावन से खीर मोहन एवं रंग का, कोतवाली रोड से बरफी का, मिश्रित दूध, माखन चोर घी, देसी घी आदि नमूने भरे गए थे। महावन के खीर मोहन खाने योग्य नहीं थे। वहीं बरफी में चांदी की जगह एल्मुनियम की वरक लगी मिली थी। खीर मोहन में प्रयोग होने वाला रंग अखाद्य था। स्थानीय अधिकारियों ने सम्बन्धित मामलों की फाइल बनाकर स्वीकृति को लखनऊ भेजी थी, जिस पर मुहर लग गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले दिनेश कुमार ( कृष्णा ब्रांड घी) निवासी गोवर्धन कॉलोनी सरस्वती कुंड, श्याम उर्फ लीलाधर (खीरमोहन, रंग) निवासी नई बस्ती, हनुमान गढ़ी महावन, मिश्रित दूध में सुभाष निवासी मुरसान, हाथरस, बरफी का नमूना फेल आने पर बांकेलाल निवासी महोली पौर, माखन चोर एवं देसी घी का नमूना अनसेफ निकलने पर जनरलगंज निवासी सिद्वगोपाल गुप्ता के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करा दिया गया है।

अभिहित अधिकारी सतीश कुमार शुक्ला ने बताया कि लखनऊ से स्वीकृति मिलने के बाद मिलावटखोरों के विरूद्ध सम्बन्धित अधिकारियों ने न्यायालय में वाद दायर करा दिए हैं।


दूध के तीन नमूने निकले फेल
मथुरा। चेकिंग के दौरान लिए गए दूध के तीन नमूने फेल पाए गए हैं। यह नमूने एमएस प्रेमी, हरेन्द्र सिंह ने केसीघाट, डांगोली रोड और वृन्दावन से लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में दूध सब स्टैडर्ड निकला।

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