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कुडनकुलम पर आरोपों से अमेरिका का किनारा

अमेरिका ने कहा है कि असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के निवेश का पुरजोर समर्थक है और केवल उन्हीं गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को समर्थन देता है जो विकास और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के पक्षधर हैं न कि उन्हें जो तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा अमेरिका के तीन गैर सरकारी संगठनों पर कुडनकुलम परियोजना का विरोध करने वालों की मदद करने का आरोप लगाने के बारे में पूछे जाने पर विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं हम असैन्य परमाणु ऊर्जा में भारत के निवेश के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनजीओ को हमारा समर्थन विकास तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को लेकर है। भारत में हम जिन एनजीओ को अनुदान देते हैं, वे इसी तरह के कार्यक्रम में संलग्न हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, ‘‘मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।’’

भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक संबंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के संबंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।’’

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  • Web Title:कुडनकुलम पर आरोपों से अमेरिका का किनारा