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गिटार का फैशन युवाओं का पैशन

‘पुरानी जींस और गिटार’ गाने के वक्त से ही टेबल हारमोनियम के इस देश में गिटार यंग जनरेशन की स्टाइल स्टेटमेंट का हिस्सा बन चुका है। वैसे कला कोई भी हो, इंसानी दिमाग को सुकून पहुंचाती है। पश्चिमी वाद्ययंत्र गिटार आज इतना लोकप्रिय हो चुका है कि कॉलेज कैम्पस में, समूह में लोग गिटार पर उंगलियां नचाते दिखने लगे हैं। शौक से बाजार बनता है और यही कारण है कि गिटार सिखाने का एक बड़ा केंद्र दिल्ली भी बना है।
गिटार मानसिक तनाव से फ्री करता है। इस कला के दीवानों में कॉरपोरेट सेक्टर, एमएनसी और कॉल सेंटर के कर्मचारियों के अलावा छात्रों का भी एक बड़ा वर्ग शामिल है। दिल्ली में भी गिटार सिखाने के संस्थान बढ़ रहे हैं। गिटार सीखने की इच्छा रखने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। इसका कारण यह है कि गिटार युवाओं को मॉडर्न होने का भी एहसास करवाता है। इसके अलावा गिटार के नोट्स सीखने में भी युवाओं को सुविधा होती है।

गिटार का गुरु ज्ञान
अगर गिटार सीखना है तो सबसे पहले आपको चाहिए एक अच्छा प्रशिक्षक। धुन की समझ और संगीत की थोड़ी भी पकड़ आपके सीखने की गति को काफी तेज कर सकती है। गिटार सिखाने वाले संस्थानों में ग्यारह वर्ष की आयु से शुरू कर बिग्नर, एडवांस लर्निग, इंटरमीडिएट लर्निग और डिस्टेंस लर्निग स्तर के कोर्स हैं।

सभी संस्थानों में पहले गिटार का बेसिक सिखाया जाता है, लेकिन जो लोग केवल कुछ धुन या गीत सीखना चाहते हैं, उनको एडवांस लर्निंग के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। परिक्रमा बैंड के गिटारिस्ट सौरभ चौधरी कहते हैं कि प्रशिक्षण से प्राप्त थ्योरिटिकल जानकारी बड़ी अहम होती है। एक अच्छा प्रशिक्षक आपको एक अच्छा वादक बनाने से पहले एक अच्छा कलाकार बना देता है।

कहां सीखें गिटार
स्कूल ऑफ सिम्फनी, दिल्ली गिटार स्कूल, राजौरी गार्डेन, सरस्वती म्यूजिक कॉलेज, सफदर जंग इंक्लेव,परिक्रमा स्कूल ऑफ म्यूजिक, हौज खास दिल्ली, चक्रपाणी वर्ल्ड स्कूल ऑफ म्यूजिक, ग्रेटर कैलाश।

यूटय़ूब भी लोगों को गिटार सिखा रहा है। गिटार फॉर बिगिनर्स लिखने पर जो पहला लिंक खुलता है, उसे अब तक 8 लाख लोग क्लिक कर चुके हैं।

कई तरह के हैं गिटार
बाजार में कई तरह के गिटारों का चलन है, जिनमें इलेक्ट्रिक गिटार और एकॉस्टिक गिटार दो मुख्य प्रकार हैं। एकॉस्टिक गिटार के कई रूप उपलब्ध हैं, जिसमें फ्लेमेंको, फ्लैट टप, ट्वेल्व स्ट्रिंग और बेस गिटार प्रमुख हैं।

आजकल इलेक्ट्रिक गिटार टय़ूनिंग और परफॉर्मेस में आसानी के कारण ज्यादा चलन में हैं। लेकिन सीखने के लिए एकॉस्टिक गिटार सबसे ज्यादा उपयोगी होते हैं। 1500 रुपये से लेकर 5,000 हजार तक की कीमत पर एकॉस्टिक गिटार मिल जाते हैं। इलेक्ट्रिक गिटार की कीमत अमूमन 10,000 से अधिक ही रहती है।

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