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चुनरी में लागा दाग, पीएमएस सांसत में

जिले में डीएम, एसएसपी के बाद प्रशासनिक स्तर पर कभी सीएमओ का ‘ठसका’ माना जाता था। करीबी रिश्तेदार तो कहते ही थे, दोस्त यार भी फख्र से बताते थे कि फलां सीएमओ मेरे जानने वाले हैं।

लेकिन अब कहानी ‘पलट’ गई है। एनआरएचएम घोटाले में सीएमओ की कुर्सी पर ऐसा ‘दाग’ लगा है कि इसे धुलना मुश्किल हो रहा है। अधिकतर सीएमओ या स्वास्थ्य विभाग या फिर परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत डॉक्टरों का कहना है कि अपना विभाग बताते ही सब प्रश्नसूचक नजरों से देखते हैं।

ऐसा लगता है कि हम भी घोटाले में शामिल थे। अब प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस एसोसिएशन) ने खोयी प्रतिष्ठा को लौटाने की ठानी है। तीन मार्च को लखनऊ में सरकारी डॉक्टर बैठक कर यह तय करने जा रहे हैं कि कैसे विभागीय डॉक्टरों का सम्मान वापस लाया जाए। साथ ही पीएमएस की इस बैठक में यह भी तय होगा कि कैसे विभाग के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से संचालित किया जाए जिससे मरीजों का अहित न हो।

दजर्नों सीएमओ व डॉक्टरों के घोटाले में आरोपित होने के बाद यह असहज स्थिति हर डॉक्टर के सामने आ खड़ी हुई है। बलरामपुर अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर कहते हैं-अब तो मरीज, तीमारदार भी कभी-कभार टाण्ट कस देते हैं। बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आई शरण कहते हैं, ‘घोटाले में कुछ डॉक्टर शामिल हो सकते हैं लेकिन सामाजिक तौर पर दण्ड सभी को मिल रहा है। यह गलत है। हमारा कैडर आज भी सबसे सम्मानीय है और हम पूरी मेहनत से काम करते हैं।’ लखनऊ के सीएमओ डॉ. अशोक मिश्र का कहना है कि अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ या फिर बाल रोग विशेषज्ञ को तो घोटाले से कोई मतलब नहीं। फिर भी अक्सर यह शिकायतें आती हैं कि लोग इन डॉक्टरों को भी संदेह भरी नजरों से देखकर घोटालेबाज समझने लगते हैं। लोहिया अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि अक्सर यह समस्या तब खड़ी हो रही है जब मरीज इलाज से संतुष्ट न हो तो घोटालेबाजी का आरोपी बनाकर बात करने लगता है।
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एनआरएचएम योजना से जुड़ी गड़बड़ियों में डॉक्टरों की एक सीमित संख्या शामिल हो सकती है। इसके प्रभाव से यदि पूरा सिस्टम बैठने लगे तो यह चिंता का विषय है। हम बैठक कर इस बात का प्रयास करेंगे कि भविष्य में सभी योजनाएं सुचारू रूप से चलें और कोई गड़बड़ी न हो।
डॉ. डीआर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, पीएमएस एसोसिएशन
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हम कुछ ऐसी योजना बनाने के मूड में हैं जिससे प्रतिष्ठा वापस ला सकें। हम जनता को ये बताना चाहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के हजारों डॉक्टर आज भी बेहतर काम कर रहे हैं इसी वजह से हर माह लाखों मरीजों को लाभ हो रहा है।
डॉ. पीके सिंह, जिला अध्यक्ष, पीएमएस

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