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अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त पहल

आधुनिकीकरण एवं तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए हरियाणा पुलिस ने राज्य के पानीपत जिले में गुरुवार से मोबाइल लाईव स्कैनर सहित पीसीआर वैन की शुरूआत की।
 
राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो के निदेशक लायक राम डबास ने यहां बताया की राज्य में अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की यह सशक्त पहल है। सारे देश में पहली बार फिंगर प्रिंट से व्यक्ति की पहचान वाले स्कैनर से युक्त पुलिस वैन की तैनाती पानीपत शहर में होने जा रही है। इस वैन में एक ऐसा यंत्र होगा जिसमें पानीपत तथा
 इसके आसपास के जिलों में अपराध में सक्रिय तकरीबन पांच हजार अपराधियों के फिंगर प्रिंट एवं आपराधिक रिकार्ड मौजू रहेंगे।

डबास ने बताया कि पुलिस उंगली चिन्ह पर आधारित स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली की स्थापना राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो के मुख्यालय मधुबन में स्थापित कर रही है। इसका प्रयोग अपराधी की पहचान, चरित्र सत्यापन एवं विभिन्न प्रकार के लाईसेंस लेने के लिए आवश्यक सत्यापन एवं शातिर अपराधियों को दुबारा अपराध करने पर बढी हुई सजा लिवाने में किया जाएगा।
 
पानीपत में अपराधियों की गतिविधियों तथा कार्यकलापों पर नियंत्रण के लिए फिंगर प्रिंट स्कैनर से युक्त पुलिस गश्त वाहन की शुरूआत नौ मार्च से शुरू की जा रही है। यह पुलिस वैन दिन रात पानीपत शहर में गश्त रखेगी और विशेषकर बस अडडा तथा रेलवे स्टेशन के रास्तों पर नजर रखेगी। जैसे ही कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखई देगा। वैन पर नियुक्ति पुसि कर्मी उसे एक उंगली अथवा अंगूठा लाईव स्कैनर पर रखने का चंद सैकेंडों में ही उंगली अथवा अंगूठा उठाने पर ऐसा व्यक्ति सक्रिय अपराधी है तो मशीन पर  उस व्यक्ति का पूरा आपराधिक रिकार्ड आ जाएगा तथा पुलिस कर्मी कानून तथा नियमानुसार ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों पर कार्यवाही कर सकेगें।
 
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित यह व्यवस्था लागू होने पर अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण होगा। कोई भी अपराधी बाहर निकलकर अपराध करने से डरेगा तथा आम व्यक्ति अपने आपको ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे तथा आपराधिक तत्व हताश, निराश और भयभीत होगें। शीघ्र ही ऐसी मशीन युक्त पुलिस वैन राज्य के अन्य सभी शहरों में भी शुरू की जाएगीं।

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