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घड़ी पर नजर..भागता वक्त और निपटता चुनाव

मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी
और दो दिन बचे..मुलायम सिंह यादव कुछ अपने में बुदबुदाए और कुछ अपने सहयात्रियों को संबोधित करते हुए। रह-रहकर कलाई पर बंधी घड़ी पर नजर। इसे आप समाजवादी पार्टी के प्रमुख की आदत भी कह सकते हैं। बार-बार घड़ी देखना। भागते वक्त के साथ भागकर तय समय पर सब हो जाए का अंदाज। लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे से मंगलवार सुबह यूपी चुनाव के निपटारे का इलाका यानी रुहेलखण्ड की चुनावी सभाओं के लिए मुरादाबाद की उड़ान भरते वक्त भी कोई अपवाद नहीं।

छठा फेज मेरे लिए कमजोर बता रहे हैं कुछ लोग..मगर ऐसा कुछ है नहीं। आप देख लेना। शाम को पोलिंग के बाद सब साफ हो जाएगा। छह सीटर विमान तब तक ऊंचाई पकड़ चुका था। मुलायम ने फिर घड़ी देखी। कितना वक्त लगेगा यहां से मुरादाबाद? एक जमाने से उनकी सुरक्षा में लगे शिवकुमार ने बताया-चालीस मिनट। मुलायम अखबारों, पत्रिकाओं पर नजर डालने लगे। एक पत्रिका के कवर पर अखिलेश की साइकिल चलाते हुए मोबाइल पर बतियाते हुए तस्वीर पर नजर ठिठकी। थोड़ा मुस्कराए और बोले, फ्रंट पेज पर है।

अखिलेश ने बहुत जिम्मेदारियां ले ली आपकी, नहीं? सवाल सुनकर कुछ सेकेंड की चुप्पी के बाद बोले, यह तो है ही..बहुत मेहनत की है उसने। बहुत सभाएं कीं। महत्वपूर्ण है यह चुनाव। अखिलेश पर बातचीत होती रही। एक संतुष्ट पिता..एक बेहद संतुष्ट पार्टी प्रमुख के संकेत देने से मुलायम सिंह यादव को कोई गुरेज नहीं लेकिन पार्टी की सरकार बनी तो नेतृत्व कौन करेगा, इस पत्ते को सपा प्रमुख फिलहाल कतई नहीं खुलने देना चाहते।
मुलायम ने फिर घड़ी देखी और दाहिनी हथेली को गिलासनुमा शक्ल देकर शिवकुमार को इशारा किया। पलक झपकते थरमस से पानी उड़ेल कर शिवकुमार ने अपने नेता जी को थमाया..और उतनी ही तेजी से छोटा तौलिया। वर्षों से ऐसे ही चल रहा है। खूब पानी पीना भी मुलायम की आदत में शुमार है, इसका खुद ही उन्होंने खुलासा किया। कुछ यूं कि जब उनसे पूछा.आप घड़ी बहुत देखते हैं। मुलायम बोले, अरे नहीं पानी इससे ज्यादा पीता हूं। फिर जोर से हंसे। विमान मुरादाबाद की हवाई पट्टी पर उतरने की तैयारी में था। यह मेरी सरकार के समय में बनाई हुई हवाई पट्टी है..ऐसे पांच बनाए थे.. इंटीरियर वाले इलाकों में। काम तो कम नहीं किया मैंने लेकिन पता नहीं क्यों कानून-व्यवस्था का हल्ला मचा दिया। इस बार हम भी सतर्क हैं।

कानून-व्यवस्था के मामले में मुलायम पूरे चुनाव में बेहद सतर्क रहे यह सभाओं में उनके भाषणों से साफ है। मंगलवार को बदायूं, बरेली और रामपुर की सभाओं में भाषणों को उन्होंने खत्म यहीं किया कि सपा की सरकार में गुंडागर्दी नहीं चलने दी जाएगी चाहे सपा का ही कोई नेता क्यों न हो। अंत में क्यों? बदायूं की सभा के बाद हेलीकॉप्टर बरेली के लिए उड़ा तो इस सवाल पर मुलायम ने व्याख्या दी, ताकि याद रहे लोगों को। लोगों को याद वाकई खूब दिलाते हैं मुलायम। खास तौर पर पुराने रिश्तों को। मसलन बदायूं की सभा में पहुंचे तो अगवानी के लिए मौजूद सांसद धर्मेन्द्र यादव से पूर्व सांसद शांति देवी का हाल पूछा। बताया गया कि मंच पर बैठी हैं। वृद्ध हो चुकीं शांति देवी को झुककर नमस्कार करने और कुछ पल बतियाने के बाद ही मुलायम भीड़ से मुखातिब हुए। फिर शुरू हुआ याद दिलाने का सिलसिला। बदायूं तो मेरा जिला माना जाता रहा है नहीं? यहां से चुनाव लड़ा हूं मैं। भीड़ उत्साह में आ गई। तालियां.। इटावा से बेहतर है हमारे लिए बदायूं..। और तालियां।
बदायूं से उड़ने के कुछ ही मिनटों के भीतर कई बार घड़ी देख चुके मुलायम ने पूछा आजम वाली सभा अगली है क्या? रामपुर आखिरी है.. अगली बरेली। शिवकुमार ने जवाब दिया। पोलिंग का पता किया था? छठे चरण के मतदान का रुझान जानने की बेचैनी झलक रही थी। सहयात्री स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र के निजी सचिव रहे अशोक प्रताप राय ने जानकारी दी, एक बजे तक करीब 38 परसेंट हो चुका है। चेहरा दमक उठा सपा प्रमुख का। मैंने, कहा था न अच्छा होगा। जाएगा यह साठ परसेंट। जितना ज्यादा मतदान उतना हमारे लिए अच्छा। बरेली अच्छा रहेगा अपना.. आप देखना। बरेली से उड़ने के तुरंत बाद ही घोषणानुमा अंदाज में मुलायम ने जानकारी दी।

रामपुर में खुद आजम खां हेलीपैड पर अगवानी को मौजूद थे। किले के मैदान पर हो रही सभा में मंच से लेकर भीड़ तक रामपुरी टोपियों की भी भरमार। तकरीरनुमा भाषणों की झड़ी.. कायमे मिल्लत मुलायम सिंह..रफीक-उल-मुल्क मुलायम सिंह के साथ ही बंगाल के समाजवादी नेता किरणमय नन्दा की बांग्ला मिश्रित हिन्दी में भाषण.. उत्तोर प्रोदेश में एक तूफान है मोलायम सिंह जी.. किसी का सहजोग का बोगैर ही बानेगा सरकार.। तीन सभाओं में सबसे लंबा यही बोले मुलायम। आजम को एक लाख वोटों से जीताने की अपील और रामपुर को आदर्श शहर बनाने की घोषणाओं के साथ भाषण खत्म किया। अब वापसी..। पहले मुरादाबाद और वहां से लखनऊ। मुरादाबाद में विमान ने टेक ऑफ किया तो मुलायम ने फिर पूछा कितनी पोलिंग हुई? जवाब मिला तीन बजे तक करीब पचास परसेंट। मुलायम की आंखों में ‘देखो, मैंने कहा था न’ के भाव.. फिर बोले, काम तो बहुमत की सरकार में ही हो पाता है वरना करे कोई भरे कोई..चलिए अब तो दो दिन और बचे हैं।

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