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बाढ़ नियंत्रण से जुड़ेगा मनरेगा : नीतीश

 

पटना (हि.ब्यू.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में मनरेगा कार्यक्रम को बाढ़ नियंत्रण योजना के साथ जोड़ा जायेगा। इसके लिए ग्राम पंचायत, सिविल सोसायटी और राज्य सरकार मिलकर काम करेगी।

बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में श्री कुमार ने कहा कि नदियों द्वारा मचायी जाने वाली तबाही के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं। बांधों की वजह से गाद की समस्या बढ़ी। इसने नदी का तल ऊंचा किया और तबाही को घर बैठे न्योता दे दिया। मनरेगा के माध्यम से जलनिकासी क्षमता बेहतर बनाकर बाढ़ की क्षति को कम किया जा सकता है। मनरेगा की मॉनिटरिंग के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में अन्तरविभागीय टास्क फोर्स बनेगा। इसमें सिविल सोसायटी की भी सहभागिता रहेगी।

देश में 1 अप्रैल से मनरेगा को नये रूप में लागू किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांधों का औचित्य न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे विश्व में विवाद का विषय है। बांध बनना आसान है लेकिन इसे सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। गाद जमा होने पर बचाव के लिए बांधों की ऊंचाई बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। असल में शेर की सवारी करना आसान है लेकिन उससे उतरना उतना ही मुश्किल। हम लम्बे समय से यह मांग करते रहे हैं कि केन्द्र राज्यों को उनकी जरूरत के हिसाब से योजना बनाने की छूट दे।

मनरेगा के तहत विभिन्न विभाग आपस में मिलकर योजना तैयार कर सकते हैं। आहर-पईन के मामले में जल संसाधान विभाग और ग्राम पंचायतें मिलकर काम करें। योजना आयोग के सदस्य डॉ.मिहिर शाह ने कहा कि योजनाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर ग्राम पंचायतों को सौंपा जाना चाहिए। ग्राम सभा के माध्यम से तय होना चाहिए कि संबंधित पंचायत में कौन सी योजना मनरेगा में शामिल की जायेगी। राज्यों से मिले सुझावों के आधार पर कृषि समेत 30 नये कार्यो मनरेगा में शामिल किया जायेगा। बिहार में सिविल सोसायटी ने ग्राम पंचायत और राज्य सरकार के साथ मिलकर बाढ़ की समस्या से निबटने की पहल की है।

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जल प्रबंधन की आवश्यकता जतायी। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, लघु सिंचाई मंत्री अवधेश कुशवाहा, मुख्य सचिव नवीन कुमार और विकास आयुक्त ए.के.सिन्हा शामिल हुए।

राज्यों की आवाज बन जाइये रमेश जी!

 जयराम रमेश जी आप राज्यों की आवाज बन जाइये। खूब चमकेगी आपकी राजनीति। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने जिस तेजी के साथ ग्रामीण स्वच्छता के बिहार मॉडल को पूरे देश में लागू करने की घोषणा कर की, उसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तत्काल यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। जवाब में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछकर चक्कर में डाल दिया कि आप साफ-साफ बताईये, नेशनल काउंटर टेरेरिज्म सेंटर (एनसीटीसी) बनेगा या नहीं। इससे पहले अपने भाषण के दौरान भी श्री रमेश खासे मूड में दिखे। टीम अन्ना का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि कभी-कभी सिविल सोसायटी भी अच्छा काम कर लेती है।

वरना आजकल तो इनकी सरकार के साथ लगातार टोका-टाकी चलती रहती है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने भी अपने भाषण के दौरान अफसरों के काम करने के तरीके पर निशाना साधते हुए कहा कि काम करने और अटकाने की इनलोगों की अदभूत क्षमता होती है। बिहार और केन्द्र सरकार में अपने काम के आधार पर मैं यह बात कर रहा हूं। शौचालय निर्माण की योजना बनी लेकिन ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी इसमें बैठकर दिखा दें तो हम मान जायेंगे। इसलिए योजना बनाने से पहले उसका पहला प्रयोग अफसर पर ही होना चाहिए।ं

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