DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रमुख प्रत्याशियों ने खर्च कर दिए डेढ़ करोड़ से अधिक

 मथुरा। हिन्दुस्तान संवाद,

भले ही प्रमुख पार्टियों के 20 प्रत्याशियों का विधानसभा चुनाव के व्यय के आंकड़े डेढ़ करोड़ से अधिक दर्शाये गये हैं। जिले की सभी पांच विधानसभाओं में सबसे अधिक रुपया मथुरा-वृन्दावन विधान सभा सीट पर चुनाव लड़ रहे चार प्रमुख प्रत्याशियों ने रुपया खर्चा किया। सबसे कम खर्चा मांट विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशियों ने किया।

आयोग ने इस बार प्रत्याशियों के खर्च की लिमिट को तय कर दिया था। उन्हें चुनाव पर 16 लाख रुपए तक का खर्च करने की छूट दी गई थी मगर हर फन में माहिर नेताओं ने यहां भी आयोग को कुछ भी कहने लायक नहीं छोड़ा। प्रत्याशियों ने अपने खर्च को इस प्रकार समायोजित किया है कि वह कहीं भी फंसते नजर नहीं आ रहे हैं।

प्रत्याशियों ने आयोग की इस लिमिट का पूरे सम्मान के साथ पालन किया है। चुनाव पर सर्वाधिक खर्च मथुरा वृन्दावन विधान सभा सीट से चुनाव लड़ रहे सपा प्रत्याशी अशोक अग्रवाल ने खर्च किया। उन्होंने अपने चुनाव का खर्च 12 लाख रुपए से अधिक दर्शाया है। उनके मुकाबिल बीजेपी प्रत्याशी ने सबसे कम खर्च पर चुनाव लड़ा।

वह दस लाख का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। छाता विधान सभा सीट से चुनाव लड़ रहे बसपा प्रत्याशी लक्ष्मीनारायण ने अपने चुनाव पर साढ़े ग्यारहा लाख से अधिक रुपए खर्चा किए। यहां निर्दलीय प्रत्याशी हेमन्त गूजर का चुनाव खर्चा सबसे कम रहा। वह पांच लाख के आंकड़े को भी नहीं छू सके। बलदेव विधान सभा में अजय कुमार पोइया ने अपने चुनाव पर सात लाख रुपए से अधिक का खर्च दर्शाया है।

उनके मुकाबिल सपा के अनिल दिवाकर ने साढ़े चार लाख से अधिक रुपए खर्च दिखाए हैं। मांट विधान सभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी श्याम सुन्दर शर्मा ने सर्वाधिक साढ़े नौ लाख से अधिक रुपए खर्च दिखाए हैं। बसपा के राम पाल सिंह ने एक लाख से अधिक रुपए खर्च किए।

गोवर्धन विधानसभा सीट पर सर्वाधिक रालेद कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मेघश्याम ने साढ़े दस लाख रुपए से अधिक खर्च किए। बीजीपी के कारिंदा सिंह ने भी लगभग उन्ही के बराबर रुपया खर्च किया। यहां सपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह ने सबसे कम रुपए अपने चुनाव पर खर्चा किए। मथुरा-वृन्दावन विधानसभा सीट पर चार प्रमुख प्रत्याशियों का खर्चा प्रत्याशी का नाम पार्टी खर्चा - अशोक अग्रवाल सपा 12,24,668- प्रदीप माथुर कांग्रेस 10,15,814- पुष्पा शर्मा बसपा 10,70,722- देवेन्द्र शर्मा बीजेपी 09,49,423 छाता विधानसभा सीट के चार प्रमुख प्रत्याशी - चौ लक्ष्मीनारायण बसपा 11,65,101- तेजपाल सिंह रालोद/कांग्रेस 10,04,654 - हेमन्त गुर्जर निर्दलीय 04,49,816- लक्ष्मीकांत जादौन सपा 04,82,058 बलदेव विधानसभा सीट के चार प्रमुख प्रत्याशी - चन्द्रभान सिंह बसपा 6,39,814- अजय कुमार पोइया बीजेपी 7,17,348 - पूरन प्रकाश रालोद 5,77,045- अनिल दिवाकर सपा 4,59,764 मांट विधानसभा सीट के चार प्रमुख प्रत्याशी - श्याम सुन्दर शर्मा तृणमूल कांग्रेस 9,57,373- जयंत चौधरी रालोद 6,50,404- प्रणतपाल सिंह बीजेपी 4,40,772- रामपाल सिंह बीएसपी 1,08,107 गोवर्धन विधानसभा सीट के चार प्रमुख प्रत्याशी - ठा. मेघश्याम सिंह रालोद 10,74,365- ठा. कारिंदा सिंह भाजपा 10,65,405- राजकुमार रावत बसपा 08,19,059- प्रीतम सिंह सपा 07,07,990 प्रत्याशियों का खर्च हुआ होगा दस गुना मथुरा। प्रत्याशियों ने आयोग को जो आंकड़े उपलब्ध कराए हैं, इन पर शायद ही कोई यकीन कर पाएगा। क्योंकि प्रत्याशियों के काफिले और उनके समर्थकों को देख कर यह खर्चा ऊंट के मुंह में जीरे के समान प्रतीत होता लग रहा है।

जिले में हुए पांचों विधानसभा चुनावों के लिए प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा के अलावा अन्य पार्टियों के साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे। सूत्रों की माने तो प्रशासन ने इन प्रत्याशियों को अधिकतम 20 वाहन प्रचार प्रसार के लिए लगाने की अनुमति प्रदान की थी। एक फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रत्याशियों ने अपने अपने खजाने का मुंह खोल दिया था। वह पूरे जोश के साथ चुनाव प्रचार और जनसम्पर्क करने में जुट गए थे। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि 26 दिन चले प्रचार में क्या दर्शाया गया खर्चा ही प्रत्याशी कर पाए होंगे। चुनाव फाइट में शामिल प्रत्याशियों के पास गाडिम्यों का काफिला था। एक प्रत्याशी के प्रचार में लगे वाहनों की संख्या यदि दस भी मानी जाए तो खर्च का आंकलन आसानी से लगाया जा सकता है। चुनवों में स्कार्पियो, पजेरो, बोलेरो, इनोवा जैसे चार पहिया वाहनों की डिमाण्ड सबसे अधिक रही। इनका प्रतिदिन बचत का भाड़ा दो हजार रुपए था। अब बात आती है इनमें डलने वाले तेल की तो वह करीब-करीब एक हजार रुपए प्रतिदिन का डला होगा।

इसके बाद इनमें करीब आठ कार्यकर्ता भी सवार होकर चले होंगे। इनमें एक कार्यकर्ता के दिनभर का खर्चा कम से कम पांच सौ रुपए तो रहा ही होगा। इससे एक गाड़ी करीब आठ हजार रुपए का खर्च लाई होगी। प्रचार करीब 18 दिन चला। इसके बाद बेनर, पोस्टर, कुर्सी, टेण्ट, माइक, सभाओं व रेलियों में भीड़ जुटाने के लिए किए गए खर्च को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। स्टार प्रचारकों को लाने ले जाने के लिए प्रयोग हुए हेलीकॉप्टर उनका लंच व उनके ठहरने पर भी कुछ तो खर्च हुआ होगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रत्याशियों ने दर्शायी गई रकम से कम से कम दस गुना खर्च किया होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:प्रमुख प्रत्याशियों ने खर्च कर दिए डेढ़ करोड़ से अधिक