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मऊ में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जेल

 मऊ, निज संवाददाता।

मदरसा शिक्षक की नियुक्ति में फर्जीवाड़े में आरोपित जिला अल्पसंख्यक अधिकारी असरार अहमद को जनपद व सत्र न्यायाधीश विजय प्रताप सिंह ने बुधवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पहले जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार शुक्ल की अदालत में सरेंडर किया था।

आरोप है कि जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने मदरसा शिक्षक की नियुक्ति के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी कर 1.38 लाख रुपये का गबन किया। वह अंतरिम जमानत पर चल रहे थे। बताते हैं कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा तालीमुल कुरान मोहसिन का पुरा के प्रबंधक कबीर अहमद और पूर्व प्रधानाचार्य मुमताज अहमद के साथ साजिश कर जूनियर स्तर पर शिक्षक मुजफ्फर अली की फर्जी तरीके से नियुक्ति कर दी। इस मामले में कोतवाली थानान्तर्गत मोहसिनपुरा निवासी नौशाद अहमद पुत्र शमशुल हक ने न्यायालय के माध्यम से जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने अंतरिम जमानत ली थी। बुधवार को अदालत ने बचाव पक्ष के वकील तथा जिला शासकीय अधिवक्ता की दलीलें सुनने और साक्ष्यों व केस डायरी के अवलोकन के बाद जिला अल्पसंख्यक अधिकारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उन्हेंन्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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  • Web Title:मऊ में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जेल